देश के पूर्व रक्षा मंत्री जार्ज फर्नांडिस का आज दिल्ली में निधन हो गया। 88 वर्षीय जार्ज फर्नांडिस पिछले कुछ समय से बीमार थे, वहीं मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक वे स्वाइन फ्लू से भी पीड़ित थे। सुबह 7 बजे पूर्व रक्षा मंत्री ने दिल्ली के मैक्स अस्पताल में अंतिम सांस ली। 3 जून 1930 में कर्नाटक में जन्मे फर्नांडिस 10 भाषाओं के जानकार थे। वे हिंदी, अंग्रेजी, तमिल, मराठी, कन्नड़, उर्दू, मलयाली, तुलु, कोंकणी और लैटिन भाषा जानते थे। वे सबसे पहले 1967 में लोकसभा के लिए निर्वाचित हुए थे। उन्होंने बिहार के मुजफ्फरपुर और नालंदा लोकसभा सीटों का प्रतिनिधित्व किया। वह कई बार केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल हुए। उन्होंने संचार, उद्योग, रेलवे और रक्षा मंत्री के तौर पर अपनी विशिष्ट छाप छोड़ी।
पीएम मोदी ने जताया शोक
पीएम मोदी ने जॉर्ज फर्नांडिस के निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि वे गरीबों एवं वंचितों के अधिकारों की सर्वाधिक प्रभावी आवाज थे। मोदी ने अपने शोक संदेश में कहा कि जॉर्ज साहब भारत के सर्वश्रेष्ठ राजनीतिक नेताओं में से एक थे। बेबाक एवं निर्भीक, बेलागलपेट एवं दूरदर्शी फर्नांडिस ने हमारे देश के लिए अमूल्य योगदान दिया। उन्होंने कहा कि क जब हम जॉर्ज फर्नांडिस के बारे में सोचते हैं, हम एक बहुत असरदार मजबूत नेता के रूप में उन्हें याद करते हैं जो न्याय के लिए लड़ा, वह एक ऐसे नेता थे जो शक्तिशाली से शक्तिशाली राजनीतिज्ञों को झुका देते थे, एक रेल मंत्री और एक महान रक्षा मंत्री थे जिन्होंने भारत को सुरक्षित एवं ताकतवर बनाया। अपने लंबे सार्वजनिक जीवन मेंफर्नांडिस अपनी राजनीतिक विचारधारा से तनिक भी नहीं विचलित हुए। उन्होंने आपातकाल का प्राणपण से विरोध किया। उनकी सादगी एवं विनम्रता अनुकरणीय है।
मोदी ने कहा कि उनकी संवेदनाएं दिवंगत नेता के परिजनों, मित्रों एवं लाखों चाहने वालों के साथ हैं। उनकी आत्मा को शांति प्राप्त हो। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने पूर्व रक्षा मंत्री जॉर्ज फर्नांडिस के निधन पर दुख जताया है। गांधी ने फेसबुक पोस्ट में कहा कि पूर्व सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री जॉर्ज फर्नांडिस के निधन के बारे में सुनकर दुख हुआ। उन्होंने कहा कि दुख की इस घड़ी में उनके परिवार और मित्रों के प्रति मेरी संवेदना है।
बता दें कि अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में रक्षा मंत्री रहे फर्नांडिस ने सेना के लिए कई अहम कदम उठाए थे। उन्होंने वाजपेयी सरकार में रक्षा मंत्रालय, उद्योग मंत्रालय जैसे कई अहम विभाग संभाले थे। फर्नांडिस के रक्षा मंत्री रहते हुए ही अटल सरकार में पोखरण टेस्ट हुआ था। इतना ही नहीं 1974 की रेल हड़ताल के बाद वे कद्दावर नेता के तौर पर उभरे और बेबाकी से इमरजेंसी लगाए जाने का विरोध किया था।

