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मजदूरों के घरों में आटा भी खत्म, आंखों में आंसू भर आए

शिवपुरी. कोरोनावायरस के कारण देश में जारी लॉकडाउन के कारण सब कुछ बंद है। इसका सबसे ज्यादा असर मजदूर वर्ग पर पड़ा है। शिवपुरी के रेलवे स्टेशन रोड पर नई पुलिस लाइन के पीछे स्थित कृष्णा कॉलोनी में अधिकतर मजदूर वर्ग के परिवार रहते हैं। कुछ लोगों के घरों में उधारी का आटा खत्म हो गया है। ज्यादातर घरों में एक या दो दिन का ही राशन बचा है।

कॉलोनी में रहने वाले ओमप्रकाश अग्रवाल फेरी लगाकर अपना परिवार पालते हैं। उन्होंने बताया- आटा खत्म हो गया है, चावल उबालकर खाना पड़ रहे हैं। वह भी जल्द खत्म होने वाले हैं। यहां रहने वालीं अनीता धाकड़ ने रसोई दिखाते अपनी रसोई दिखाते हुए रोने लगीं। उन्होंने बताया- एक-दो दिन का ही राशन बचा है। कॉलोनी में रहने वाले मजदूर वर्ग के लोग प्रशासनिक मदद की आस में बैठे हैं। लेकिन, न तो यहां सरकारी मदद पहुंच रही है, न ही समाजसेवी यहां मदद करने आ रहे हैं।

युवक बोला-ससुराल से लाया राशन भी खत्म

हजरतसिंह कुशवाह ने बताया लॉकडाउन लगा, तब 15 किलो आटा ससुराल से लाया था। अब वह भी खत्म हो गया है। एक-दो दिन गुजारा चल जाएगा। हमारी सुध लेने कोई नहीं आया। लखन धाकड़ ने बताया- वह नगर पालिक में फेमिली सर्वे का काम करता है। घर में छह सदस्य हैं। दो-तीन दिन लायक ही आटा बचा है, गेहूं भी नहीं है।

उज्जवला योजना का कनेक्शन नहीं, चूल्हे पर खाना बना रही रुक्मणि
रुक्मणि रावत किराए के कमरे में रहती है। वह चूल्हे पर टिक्कर सेंकती मिली। आटा खत्म होने से पहले ही पति वीर सिंह रावत खरई गांव से 50 किग्रा गेहूं का कट्‌टा उधार लाए हैं। उज्जवला योजना में भी उसे गैस कनेक्शन नहीं मिला। ब्लैक में सिलेंडर खरीदा था। कनेक्शन नहीं है, इसलिए दो साल से उपयोग नहीं कर पा रहे और चूल्हे पर खाना पकाती है। महिला अनीता धाकड़ ने बताया कि मेरा झाडू पौंछा का काम भी बंद है।

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