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मशीनों को सुधारने के बजाए बैंक दे रहे उपभोक्ताओं के आनलाइन पर जोर

मकड़ाई समाचार रायपुर। बैंकिंग प्रबंधन द्वारा इन दिनों अपनी एटीएम व अन्य मशीनों को सुधारने के बजाए उपभोक्ताओं को अधिक से अधिक आनलाइन सुविधा का उपयोग करने पर जोर दिया जा रहा है। यह देखा जा रहा है कि इन दिनों राजधानी रायपुर में ही सेंट्रल बैंक, स्टेट बैंक सहित अन्य कई बैंकों द्वारा खराब पड़े एटीएम को बंद कर दिया जा रहा है। सेेंट्रल बैंक ने तो तीन से चार एटीएम बंद ही कर दिए हैं। बैंकों द्वारा इन दिनों उपभोक्ताओं को मैसेज भी भेजे जा रहे हैं कि वे बैंक की ऑनलाइन सुविधा का उपयोग करें और लाभ उठाएं। बैंक अफसरों का कहना है कि उपभोक्ताओं को अधिक से अधिक आनलाइन के प्रति जागरुक भी किया जा रहा है।
यहां हो रही उपभोक्ताओं की जेब ढीली

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इन दिनों अलग-अलग बैंकों द्वारा उपभोक्ताओं की जेब ढीली करने अलग-अलग नियम बना दिए गए हैं। स्टेटमेंट लेने से लेकर नई पासबुक, एटीएम लेने और अपने पैसे जमा करने व निकालने का भी शुल्क उपभोक्ताओं को देना पड़ रहा है। सभी बैंकों में यह शुल्क अलग-अलग दर पर लगाया जा रहा है। मुख्य रूप से स्टेटमेंट लेने के लिए 20 रुपये प्रति कागज का शुल्क है। इसी प्रकार 40 लेनदेन से अधिक पर 128 रुपये का शुल्क है। मिनिमम बैंलेंस न रखने पर तो बैंकों द्वारा लिया जाने वाला शुल्क पहले से लिया ही जा रहा है।
टर्म डिपाजिट पहले बंद करने पर नहीं है जुर्माना
इन दिनों कुछ निजी बैंकों ने उपभोक्ताओं की सुविधाओं व फायदे का ध्यान रखते हुए टर्म डिपाजिट बंद पहले बंद करने की स्थिति में उनसे जुर्माना नहीं लिए जाने की बात कही है। बैंकों का कहना है कि इससे उपभोक्ता भी राहत महसूूस करेंगे।