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मुख्यमंत्री के खिलाफ मामला दर्ज कराने कोतवाली पहुंचे कांग्रेस कार्यकर्ता

मकड़ाई समाचार कटनी। जिला शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मिथलेश जैन एडवोकेट व जिला ग्रामीण कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष ठाकुर गुमान सिंह के नेतृत्व में कांग्रेसजन सोमवार दोपहर पुलिस थाना कटनी कोतवाली पहुंचे। यहां उन्होंने शिकायत सौंपते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के विरुद्ध धारा धारा 304(2) व 477 भारतीय दंड विधान, आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 व महामारी एक्ट 1897 (संशोधन 2020) के अंतर्गत एफआइआर दर्ज करने की मांग की। इस खराब स्वास्थ्य व्यवस्था के कारण मौतों का आकड़ा बढ़ता गया और सरकार मौतों के आकड़ों को छुपाती रही। जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने के लिए मुख्यमंत्री दोषी हैं, इन पर गैर इरादतन हत्या का प्रकरण दर्ज होना चाहिए।

मुख्यमंत्री उपेक्षापूर्ण व्यवहार करते रहे : पुलिस को दी गई शिकायत में शिवराज सिंह चौहान के विरुद्ध आरोप लगाया गया है कि वर्ष 2021 के प्रारंभिक दौर में जैसे ही करोना की दूसरी लहर ने मध्यप्रदेश में अपने पांव पसारना शुरू किए ही थे और कोराेना पाजिटिव मरीजों की मृत्यु का सिलसिला चालू हो गया। दूसरी लहर के शुरुआती दौर में स्थिति इतनी भयावह नहीं थी। कोरोना की दूसरी लहर आने के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान उपेक्षापूर्ण व्यवहार करते रहे हैं। उनके इशारे पर कोरोना पीड़ितों की संख्या को छुपाया गया है। यहां तक कि श्मशानघाट व कब्रस्तानों में हुए दाह संस्कारों की संख्या को भी छुपाया जा रहा है और साथ ही इलाज की समुचित व्यवस्था भी नहीं कराई गई। इससे मरीज परेशान हुए व असमय काल के गाल में समा गए। इसके लिए सीधे-सीधे मुख्यमंत्री जिम्मेदार हैं। जबकि समाचार पत्रों, इंटरनेट मीडिया व विज्ञानिकों द्वारा बराबर संदेश दिए जा रहे थे कि स्थिति भयानक होने वाली है लेकिन मुख्यमंत्री ने अपनी हठधर्मिता के चलते किसी भी तरह की पर्याप्त व्यवस्था दवा, आक्सीजन आदि की व्य वस्था नहीं की। लगातार कोरोना से हुई मौतों के आंकड़ों को प्रदेश वासियों से छुपाते रहे। फलस्वरूप मध्यप्रदेश में कोरोना से होने वाली मृत्यु का आकड़ा पूरे प्रदेश में बढ़ता गया।

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कोविडकाल को गंभीरता से नहीं लिया : पूरे प्रदेश में व कटनी में भय का वातावरण बन गया और जनता त्राहि-त्राहि करने लगी। कोरोना से हुई मृत्यु की सत्यता जांचने के लिए प्रदेश के समाचार पत्रों पर नजर डालें तो सत्यता उजागर हो जाएगी। शिवराज सिंह ने इस कोविडकाल को गंभीरता से नहीं लिया। इसी कारण कोविड से पीड़ित मरीजों को अस्पतालों में बेड, आक्सीजन, इंजेक्शन नहीं मिल पाया। इस तरह के मौत के आंकड़े को छुपाने, कोरोना की दूसरी लहर के प्रति पिछले एक वर्ष तक की लापरवाही बरतने और जनता के सामने झूठ परोसने, जिससे पूरे प्रदेश की जनता भ्रमित रही और हजारों की संख्या में कोविड से लोगों की मृत्यु का कारण बनी। शिवराज सिंह चौहान एवं उनके अनेक सहयोगी मंत्रियों व अधिकारियों का उपरोक्त कृत्य धारा 304 (2) (गैर इरादतन इत्या), 477 (मृत्यु के आंकड़ों को छिपाना) भारतीय दंड विधान, आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 व महामारी एक्ट 1897 (संशोधन 2020) के अंतर्गत दंडनीय अपराध है। अत: उनके विरुद्ध प्रकरण दर्ज किया जाए। इस दौरान बड़वारा विधायक विजय राघवेंद्र सिंह, विजयराघवगढ़ की कांग्रेस प्रत्याशी पद्मा शुक्ला, प्रदेश कांग्रेस महामंत्री हरिशंकर शुक्ला, पूर्व अध्यक्ष प्रियदर्शन सिंह गौड़, करण सिंह, युवक कांग्रेस अध्यक्ष मनु दीक्षित, वरिष्ठ कांग्रेस नेता शिव कुमार यादव, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष इश्त्यिाक अहमद, चंद्रभान सिंह, प्रदीप त्रिपाठी, अजय गर्ग, रौनक खंडेलवाल, देवीदीन गुप्ता, भुवनेश्वर गर्ग, मनोज श्रीवास्तव सहित अन्य कांग्रेस के लोग शामिल रहे।