सिहोर। सीहोर स्थित कुबेरेश्वर धाम में आयोजित रुद्राक्ष महोत्सव के मद्देनजर देवास, सीहोर प्रशासन ने ट्रैफिक व्यवस्था में बदलाव किया है। इसके अलावा रेलवे ने भी शुक्रवार से स्पेशल ट्रेनों का संचालन शुरू कर दिया है। बढ़ते ट्रैफिक को देखते हुए इंदौर से भोपाल जाने वाले यात्रियों ने भी सड़क मार्ग के बजाए रेलमार्ग को ज्यादा सुविधाजनक समझा है। इस कारण इंदौर से भोपाल जाने वाली ट्रेनों में भी आम दिनों की तुलना में ज्यादा भीड़ नजर आ रही है।
पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल ने 14 से 20 फरवरी तक चलने वाले इस आयोजन को ध्यान में रखते हुए 21 जोड़ी ट्रेनों का सिहोर में अस्थायी ठहराव शुरू किया है। इसके अलावा उज्जैन से सीहोर व भोपाल के बीच तीन जोड़ी स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। यदि भीड़ बढ़ती है तो अतिरिक्त ट्रेनों का संचालन किया जा सकता है। इसके अलावा भोपाल की ओर जाने वाली सभी ट्रेनें इंदौर के प्लेटफार्म नंबर दो से संचालित होंगी। उज्जैन की ओर जाने वाली सभी ट्रेनें प्लेटफार्म संख्या एक से संचालित होंगी।
भीड़ नियंत्रण के लिए ‘क्राउड होल्डिंग एरिया’ और नए प्रवेश नियम लागू
सीहोर स्थित कुबेरेश्वर धाम में 14 से 20 फरवरी 2026 तक आयोजित होने वाले भव्य रुद्राक्ष महोत्सव को लेकर पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल ने अभूतपूर्व तैयारियां की हैं। संभावित भारी भीड़ को देखते हुए सीहोर रेलवे स्टेशन पर पैदल ऊपरी पुल (FOB) को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। यात्रियों को ट्रेन आने तक स्टेशन परिसर में बनाए गए विशेष ‘क्राउड होल्डिंग एरिया’ में रोका जाएगा। इसके अलावा, प्लेटफॉर्म व्यवस्था में बदलाव करते हुए भोपाल की ओर जाने वाली ट्रेनों के लिए प्लेटफॉर्म नंबर 2 और उज्जैन की ओर जाने वाली ट्रेनों के लिए प्लेटफॉर्म नंबर 1 निर्धारित किया गया है, ताकि यात्रियों का आवागमन सुव्यवस्थित रहे।
21 जोड़ी ट्रेनों का ठहराव और स्पेशल रेल सेवाओं का संचालन
श्रद्धालुओं की सुगम यात्रा सुनिश्चित करने के लिए रेलवे ने 13 से 22 फरवरी तक सीहोर स्टेशन पर 21 जोड़ी ट्रेनों का अस्थायी ठहराव दिया है। साथ ही उज्जैन और सीहोर/भोपाल के बीच 3 जोड़ी स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं। मंडल रेल प्रबंधक (DRM) अश्वनी कुमार ने स्वयं स्टेशन का निरीक्षण कर सुरक्षा और सुविधाओं का जायजा लिया है। यात्रियों की सहायता के लिए अतिरिक्त टिकट काउंटर खोले गए हैं और वाणिज्य विभाग का विशेष दस्ता तैनात किया गया है, ताकि टिकट खिड़कियों पर लंबी कतारों से बचा जा सके।

