jhankar
ब्रेकिंग
शिवपुर पुलिस की बड़ी सफलता चोरी के मामले में आरोपी मोनू पारधी गिरफ्तार, लाखों का माल बरामद आरोपी गिर... Harda : हरदा जिले के दो सरकारी स्कूलों में शुरू होगा कृषि संकाय, शासन ने दी स्वीकृति Mp news : प्रधानमंत्री 13 मार्च को किसानों के खाते में अंतरित करेंगे पीएम किसान सम्मान निधि की किश्त कमर्शियल सिलेंडर बंद, इंदौर में लकड़ी और कंडों से बनेगा शादी का खाना मैहर में दौड़ती स्लीपर बस में लगी भीषण आग, ड्राइवर-कंडक्टर ने कूदकर बचाई जान एमपी में पीपी बैग की कमी से गेहूं खरीदी पर संकट, 1 अप्रैल से शुरू होगी प्रक्रिया इंदौर में घरेलू गैस सिलेंडर के लिए 25 दिन का इंतजार, कमर्शियल सप्लाई बंद मध्य प्रदेश में 200 गांवों का एरियल सर्वे शुरू, जमीन का मिलेगा पक्का मालिकाना अधिकार लाइन बिछी पर पानी नहीं आया: भागीरथपुरा में बढ़ा जल संकट Aaj Ka Rashifal: आज दिनांक 11 मार्च 2026 का राशिफल, जानिए आज क्या कहते है आपके भाग्य के सितारे धर्मध...

वन अधिकार अधिनियम के तहत 4 हजार 681 वन अधिकार पत्र किए वितरित

हरदा। वन मंडल अधिकारी सामान्य, वन मण्डल हरदा लालजी मिश्रा ने जानकारी देते हुए बताया कि वन अधिकार अधिनियम 2006 के तहत अभी तक 6 हजार 723 आवेदनों में से 4 हजार 681 आवेदकों को वन अधिकार पत्र प्रदान किए गए। वर्तमान में पूर्व में निरस्त 2 हजार 42 दावों के संबंध में पुनः परीक्षण की कार्यवाही की जा रही है।

मिश्रा ने बताया कि गत माह जामली के समीप के वन क्षेत्रों के वन भूमि में 26 अतिक्रामकों के पास लगभग 56.145 हेक्टेयर भूमि को चिन्हित किया गया, जिसमें लगभग 45.965 हेक्टेयर वन भूमि में बेदखली की कार्यवाही जारी है। शेष 11 प्रकरण अनुसूचित जनजाति के 12.710 हेक्टेयर भूमि में वन अधिकार अधिनियम 2006 के तहत विचाराधीन है।

- Install Android App -

वन ग्राम बोरी एवं ढेगा में कुल 351 आवेदनों में से 239 व्यक्तियों को 444.513 हेक्टेयर पर 239 वन अधिकार पत्र जारी किए गए है। 112 निरस्त आवेदनों पर पुनः परीक्षण की कार्यवाही प्रचलित है। इनमें से किसी भी व्यक्ति को अभी बेदखल नहीं किया गया है। इसी तारतम्य में ढेगा की ही श्रीमती फुलवती रामभरोस के पास वन ग्राम सीमा के अंदर 3 टुकड़ों में 1.9 हेक्टेयर भूमि एवं श्री सुवेदार चूचू 1.3 हेक्टेयर 6 टुकड़ों में अतिक्रमित वन भूमि है। इन्होने वन अधिकार पत्र के लिये उक्त भूमि का कोई वन अधिकार पत्र हेतु आवेदन नहीं दिया है। फिर भी इन्हें उस स्थल से अभी तक बेदखल नहीं किया गया है, बल्कि वन मित्र पोर्टल में आवेदन करने हेतु समझाईश दी गई है। इनके द्वारा वन ग्राम सीमा के बाहर वन क्षेत्र में अतिरिक्त वन भूमि पर लगभग 5 हेक्टेयर में वर्तमान में अतिक्रमण का प्रयास किया गया है, जिसको की भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 66 के अनुसार 10 जुलाई 2020 को वन कर्मी एवं पुलिस कर्मियों की उपस्थिति में सी.पी.टी. खोदकर विफल किया गया और सुबबूल का बीज डाला गया है। इस दौरान किसी को भी वहां बंधक नहीं बनाया गया, मौके पर कार्य में बाधा डालने पर विवाद न हो, इसलिये कुछ लोगों को साथ में बोरी रेस्ट हाउस लाकर समझाईश दी गई एवं भोजन करवाकर ग्रामीणों की उपस्थिति में वापस ग्राम में छोड़ा गया। कार्यवाही के समय कमल पिता सीताराम निवासी ढेंगा (जिनके भाई रामकिशोर सीताराम को भी साथ बोरी रेस्टहाउस लाए) जो कि प्राथमिक शाला ढेंगा में अतिथि शिक्षक है पूरे समय वह उपस्थित रहे। अतः ना ही किसी को बंधक बनाया गया है और न ही किसी को प्रताड़ित किया गया है। बल्कि उनको सकुशल शासकीय वाहन से उनके ग्राम ढेगा में पहुँचा दिया गया है।

मिश्रा ने बताया कि वन अधिकार अधिनियम 2006 के तहत लगभग एक हजार वनवासियों के वन मित्र पोर्टल पर नये आवेदन किए गये है, जिनका परीक्षण किया जा रहा है। इसके अलावा शेष वनवासियों को जिनका अतिक्रमण 13 दिसम्बर 2005 के पूर्व का है, के द्वारा भी पोर्टल पर आवेदन अपलोड कराया जा रहा है, जिसके परीक्षण के निर्देश अधिनस्थ अधिकारी एवं कर्मचारियों को दिये गये है। श्री मिश्रा ने वनवासियों एवं जनसामान्य को जंगल में अवैध कटाई न करने एवं अतिक्रमण न करने की समझाईश दी।