अनिल उपाध्याय
खातेगांव। मध्यप्रदेश इको पर्यटन विकास बोर्ड द्वारा ,अनुभूति कैम्प के नाम से स्कूली विद्यार्थीयों का प्रशिक्षण सह जागरूकता शिविर कार्यकर्म के अंतर्गत इको पर्यटन बोर्ड देवास के मुख्यकार्यपालन अधिकारी एवम वन मंडलाअधिकारी पी एन मिश्रा के मार्ग दर्शन में वनमण्डल देवास में द्वितीय अनुभूति केम्प का आयोजन वनपरिक्षेत्र कन्नौद की सब रेंज कुसमानिया के कक्ष क्रमांक 177 वृक्षारोपण पर किया गया , जिसमे शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कुसमानिया के कक्षा 09 एवम् कक्षा 10वी के करीब 100 छात्र छात्राओं को वन भृमण कराया गया, जिसमें उप मंडला अधिकारी एवं अधीक्षक खिवनी अभयारण्य श्री राजेश मंडावलिया ,मास्टर ट्रेनर कांटा फोड़ रेंज अधिकारी रितु चौधरी, रेंज अधिकारी कन्नोद आर्ची हरित आदि स्टाफ ने शिक्षक की भूमिका निभाते हुए छात्रों को जंगल मे वन संपदा,वन्यप्राणी, वनों के महत्व ,वनऔषधि , पेड़ पौधों एवम पर्यावरण संबंधित विस्तार से जानकारी दी गई । कैम्प मे बताया गया कि विगत चार पांच सालो से उक्त कार्यकर्म अलग अलग वन परिक्षेत्र में नवंबर दिसंबर में आयोजित किए जा रहे हे जिसमे स्कूली बच्चों को वन भ्रमण कराया जाता हे ।वही उक्त आयोजन में भोजन आदि में पर्यावरण की दृष्टि से आज प्लास्टिक का उपयोग नही किया गया ,स्टील के बर्तन आदि का उपयोग ही किया गया । वन भ्रमण दौरान बच्चों के दुवारा भी अधिकारियों से रौचक प्रश्न पूछे गए ।अनुभूतिकेम्प में *मुख्य अतिथि विधायक कन्नोद माननीय आशीष जी शर्मा ने छात्रो को वन एवं वन के महत्व के बारे में बताते हुए,,हाल ही में कूनो राष्ट्रीय उद्यान में लाए गये चीतो की विलुप्त होती प्रजातियो के संरक्षण कि ओर ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण में वन विभाग की भूमिका और आम लोगों का इस कार्य में सहयोग पर ज़ोर दिया एवं भविष्य के नागरिकों को वन संपदा को सहेजने का संदेश दिया। इसी श्रंखला में उन्होंने छात्रों और उपस्थित अतीथीयों को वन , वन्य प्राणी सरंक्षण एवं पौधारोपण करने की शपथ भी दिलायी।
इस दौरान कन्नोद परिक्षेत्र के सभी वन स्टाफ, सुरक्षा श्रमिक आदि मौजूद थे । कार्यकर्म समापन पूर्व सामान्य ज्ञान से सम्बंधित परीक्षा आयोजित की गई,जिसमे प्रथम,दिवितीय, तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्याथी को प्रमाण पत्र वितरित किए । साथ ही सभी छात्र छात्राओं को अनुभूति भ्रमण दौरान भोजन , केप,पेन ,ब्रोशर , टी शर्ट, प्रतिभागिता प्रमाण पत्र आदि भी दिए गये।

