वृक्ष पृथ्वी मां का श्रृंगार है जिस प्रकार बिना जल के जीवन नही हो सकता उसी प्रकार बिना वृक्ष लगाए लोक ऋण से मुक्ति नही मिल सकती : प्रेममूर्ति पंडित श्री अभिषेकानंद जी महाराज
हरदा: सुप्रसिद्ध कथावाचक प्रेममूर्ति पंडित श्री अभिषेकानंद जी महाराज का अल्प प्रवास पर हरदा आगमन हुआ महाराज जी हरदा जेल परिसर पहुंचे । जहां पर नवनिर्मित शिव मंदिर में दर्शन पूजन किया जेलर प्रभात कुमार झा ने महाराज जी का स्वागत किया अपने जन्मदिवस के अवसर पर महाराज श्री ने जेल अधीक्षक श्री प्रभात कुमार झा उप जेल अधीक्षक श्री योगेश शर्मा महेंद्र यादव के साथ शमी का पौधा लगाया वृक्ष का महत्व बताते हुए पूज्य महाराज श्री ने बताया की वृक्ष लगाना जीवन में कितना जरूरी है ।
जितना स्वास लेना जरूरी है उतना ही वृक्ष लगाना जरूरी है कोरोना के समय जब व्यक्ति को ऑक्सीजन नही मिल रही थी उस ऑक्सीजन के कारण कई लोग काल के गाल में समा गए जीवन में मनुष्य के ऊपर अनेक ऋण होते है जैसे मात्र ऋण पितृ ऋण देव ऋण एवं लोक ऋण लोक ऋण से तात्पर्य यह है की हमारे जीवन से प्राण रूपी रामतत्व जब निकलकर चला जाता है जब व्यक्ति शमशान की अन्तिम यात्रा करता है।
और बहा पर जब उसे अग्नि संस्कार किया जाता है ।
तो लकड़ियों की आवश्यकता होती है जो की लगभग 2 से ढाई क्विंटल होती है उसके लिए कितने पेड़ो की आहुति हो जाती है ।
इसलिए महाराज श्री ने यह विचार व्यक्त करते हुए बताया कि वृक्ष पृथ्वी मां का श्रृंगार है जिस प्रकार बिना जल के जीवन नही हो सकता उसी प्रकार बिना वृक्ष लगाए लोक ऋण से मुक्ति नही मिल सकती इसलिए हर व्यक्ति को अपने जीवन काल में पेड़ लगाना चाहिए घर में परिवार में मित्रो में किसी का भी जन्मदिन हो शादी की सालगिरह हो पेड़ जरूर लगाए और मां पृथ्वी का श्रंगार जरूर करे।