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हरदा : बाबा हिंडोलनाथ का चमत्कार रोज बनते है सिंदूर के त्रिशूल, रहस्य बरकरार कि कौन बनाता है यह त्रिशूल

भगवान मंगलनाथ बने यहां पर आस्था के केंद्र

मकड़ाई समाचार हरदा। जिला मुख्यालय से 21 किमी दूर मां नर्मदा के किनारे बसी प्राचीन एवं पौराणिक नगरी हंडिया है जहां पर भगवान रिद्धनाथ विराजमान है।हडिया पौराणिक काल में अनेक ऋषियो की तपस्थली रही हैं विशेषकर ब्रम्ह ऋषि परशुराम के पिता जमदग्नि का निवास क्षेत्र रहा हैं । मुगलकाल में भी अनेक दरवेश फकीर यहां पर इबादत करने आते थे। इस स्थान की अध्यात्मिक चेतना का प्रभाव था कि बल्क का राजा नाजिरउद्दीन अपने शान शौकत और वैभव को छोड़ यहां आया और फकीर के रुप में खुदा की इबादत करते हुए में जीवन भर रहा।अकबर के नव रत्नो में मुल्ला दो प्याजा की भी मजार यही पर है। हंडिया के चारो ओर आज भी कई चमत्कारी स्थान है। जहां पर वर्षो से अनेक साधु संत तप कर रहे हैं।

ऐसा ही एक स्थान यहां बाबा हिंडोलनाथ का हैं जहां पर रोज होने वाले चमत्कार को देखते लोगो की अनेक पीढ़िया निकल गई आज भी वह चमत्कार वहां हो रहे हैं। हंडिया से पश्चिम की ओर 2 किमी दूर बंदीछोड़ पहाड़ी पर बाबा हिंडोलनाथ का स्थान हैं। जहां नित्य चमत्कार होते है। जिसे कभी जाकर देखा जा सकता हैं। यहां पर रोज सूर्योंदय से पहले सिंदूर से बने त्रिशूल बने हुए दिखते हैं।

 

 

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गुफा के मुख्य द्वार पर बनते है त्रिशुल
गुफा के मुख्य द्वार पर बनते है त्रिशुल

यह त्रिशूल कौन और कब बनाकर जाता है। यह रहस्य आज भी बना हुआ हैं। इसको लोगो द्वारा कई बार कोशिश की गई कि इसका पता लगाया जाए मगर कोई भी सफल नही हुआ है। करीब 200 मीटर उंची पहाड़ी पर गुफा तक पहुंचने के लिए सीड़ियां बनाई गई है। यहां बडे़ बडे़ पत्थरो के बीच में एक गुुफा भी नजर आती हैं अभी तो गुफा को बंद कर दिया गया हैं। यहां पर लोगो की श्रद्धा और आस्था के चलते यहां पर आवाजाही बनी रहती है। बाबा मंगलनाथ के मंदिर निर्माण और स्थापना से यह और भी महत्वपूर्ण हो गया है।

इसमें विशेष योगदान रामकृष्ण उर्फ पागल पंडित बनबारी भाई ढाका ,गोलू भाई दिलीप कलम भूरा वर्मा सत्यानारायण धनगर रमेश कलम एवं पहाड़ी के तलहटी में निवासरत लोगो का रहा हैं। जिन्होने इस स्थान पर साफ सफाई कर लोगो के लिए सुगम बनाया गया है। इसी के साथ विगत वर्ष यहां पर भगवान मंगलनाथ के मंदिर का निर्माण किया गया हैं जहा पर मंगलनाथ की पूजा के लिए लोग आते हैं। आर्कषक मनोरम स्थान पयर्टन स्थल के रुप में विकसित हो रहा है। यह स्थान बहुत सुंदर और प्राकृतिक होने से लोगो को बरबस अपनी ओर खींचता हैं। अब धीरे धीरे इसका विकास किया जा रहा हैं। लोगो को यहां पर आने से सुकून मिलेगा। अब लोग यहां पर आने लगे हैं।