भोपाल। राजधानी भोपाल में अगर आप मकान या जमीन खरीदने की तैयारी कर रहे हैं तो सावधान हो जाइए। कहीं ऐसा ना हो आप जो मकान खरीदें, वो बाद में अवैध निकले। शहर के किनारे गांवों में खेती की जमीन पर बिना परमिशन के 400 से ज्यादा कॉलोनियों का निर्माण किया जा रहा है। कुछ लोगों ने तो खेतों में प्लॉट ले भी लिया है, लेकिन वे मूलभूत सुविधाओं को तरस रहे हैं।
प्रशासन ने अभी तक सिर्फ 113 कॉलोनियों की लिस्ट तैयार की है। जिन्हें अवैध तरीके से बनाया गया है। एक लाख से ज्यादा लोगों ने इन कॉलोनियों में अपनी जिंदगी भर की कमाई लगा दी है। लेकिन अवैध कॉलोनी होने के कारण वहां लोगों को मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। इसके लिए लोग हर दिन प्रशासन के पास जाकर शिकायत कर रहे हैं। वहीं कलेक्टर ने जानकारी देते हुए बताया कि धोखाधड़ी करने पर करीब 700 मामलों में वसूली की कार्रवाई की जाएगी। मामले में एडीएम और एसडीएम को रेरा वसूली के लिए कहा गया है।
इन इलाकों में अवैध कॉलोनियां चिन्हित
बिना अनुमित कॉलोनियां डेवलप करने के बावजूद डेवलपर्स बिना किसी समस्या के धड़ल्ले से प्लॉट बेचने के लिए प्रचार कर रहे हैं। इसके लिए सोशल मीडिया का प्रचार भी किया जा रहा है। इससे पता चलता है कि अवैध प्लॉट और मकान बेचने वालों को रेरा का भी डर नहीं हैं। जिन जगहों पर अवैध कॉलोनियों को चिन्हित किया गया है, उनमें करोंद रोड, नीलबड़, कलखेड़ा, रातीबड़, सूरज नगर, सेवनियां गोंड, कानासैंया, खंडाबड़, शोभापुर, कोलुआखुर्द, बंगरसिया, इब्राहिमपुरा, कलेखेड़ा, बीनापुर, गोलखेड़ी, चौपड़ाकलां, बांसिया भी शामिल हैं। इनमें जगदीशपुर में 17, अचारपुरा में 13, कुराना में 12, सेवनियां ओंकारा में 7, अरवलिया में 7, छावनी पठार में 6, परेवाखेड़ा में 6, ईंटखेड़ी सडक़ में 5, बसई में 4, हज्जामपुरा में 4, अरेड़ी में 3, थुआखेड़ा में 2, नरेला बाजयाफ्त में 2, सिकंदराबाद में 2, पिपलिया बेरखेड़ी में 1, कालापानी में 1, सुरैया नगर में 1, कोटर में 1 कॉलोनियों को प्रशासन ने चिह्नित किया है।

