ईरान का बड़ा ऐलान-हॉर्मुज का रास्ता पूरी तरह बंदअ : नेक देशो तक कच्चे तेल की आपूर्ति हुई बाधित गैस पैट्रोल डीजल के बढ़े भाव
_आज की ताजा खबरों के अनुसार, ईरान ने दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग, हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बंद करने की आधिकारिक घोषणा कर दी है। यह कदम क्षेत्र में बढ़ते अमरिकी सैन्य तनाव और इजरायली हमलों के जवाब में उठाया गया है।_
मकड़ाई एक्सप्रेस 24 विदेश। ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) के वरिष्ठ अधिकारियों ने सोमवार, 2 मार्च 2026 को स्पष्ट चेतावनी जारी की कि हॉर्मुज का रास्ता पूरी तरह बंद है।
उनके बयानों के मुख्य अंश निम्नलिखित हैं:-
सख्त चेतावनी – IRGC ने कहा है कि यदि कोई भी जहाज इस रास्ते से गुजरने की कोशिश करेगा, तो उसे “आग के हवाले (Set Ablaze)” कर दिया जाएगा।
कारण- ईरान ने यह कदम इजरायल द्वारा किए गए हमलों और अमेरिका की क्षेत्र में सक्रियता के विरोध में उठाया है। विशेष रूप से, ईरानी सर्वोच्च नेता की मौत की खबरों के बाद यह प्रतिक्रिया आई है।
जहाजों पर हमला- खबरों के मुताबिक, हॉर्मुज में कम से कम एक तेल टैंकर (Athe Nova) पर ड्रोन से हमला किया जा चुका है, जिससे वह धू-धू कर जल रहा है।
वैश्विक अर्थव्यवस्था पर ‘विकट’ प्रभाव
हॉर्मुज जलड मरू सन्धि दुनिया का सबसे बड़ा ‘एनर्जी चोक पॉइंट’ है। इसके बंद होने से दुनिया भर में हाहाकार मचने की आशंका है:
कच्चे तेल की कीमतें – घोषणा के तुरंत बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Brent Crude) की कीमतों में भारी उछाल आया है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि यदि यह बंद लंबे समय तक चला, तो कीमतें $100 से $200 प्रति बैरल तक जा सकती हैं।
तेल की सप्लाई ठप – दुनिया के कुल समुद्री तेल व्यापार का लगभग 20% (पाँचवा हिस्सा) इसी रास्ते से गुजरता है। सऊदी अरब, इराक, कुवैत और यूएई जैसे बड़े निर्यातक इसी रास्ते पर निर्भर हैं।
गैस की किल्लत- कतर अपनी लगभग पूरी LNG (प्राकृतिक गैस) की सप्लाई इसी रास्ते से करता है। इसके बंद होने से यूरोप और एशिया में बिजली और ईंधन का संकट गहरा सकता है।
भारत के लिए कितनी बड़ी चुनौती ?
भारत के लिए यह स्थिति विशेष रूप से गंभीर है।
भारत अपनी जरूरत का लगभग 40% कच्चा तेल इसी रास्ते से मंगवाता है।
खाड़ी देशों से आने वाली LPG (रसोई गैस) की सप्लाई भी इसी रास्ते पर टिकी है।
इससे भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ने और महंगाई बढ़ने का सीधा खतरा है।
क्या कोई और रास्ता है ?
हालाँकि सऊदी अरब और यूएई के पास कुछ वैकल्पिक पाइपलाइनें हैं जो रेड सी (Red Sea) तक जाती हैं, लेकिन वे हॉर्मुज से होने वाले विशाल व्यापार की भरपाई करने के लिए पर्याप्त नहीं हैं।
150 से अधिक टैंकर समुद्र में फंसे हैं
वर्तमान में 150 से अधिक टैंकर समुद्र में फंसे हुए हैं और इंश्योरेंस कंपनियों ने इस क्षेत्र के लिए कवर वापस ले लिया है, जिससे व्यापार पूरी तरह ठप पड़ गया है। यह एक विकसित होती स्थिति है (Evolving Situation)। अंतरराष्ट्रीय समुदाय और अमेरिकी नौसेना की प्रतिक्रिया इस संकट की दिशा तय करेगी।

