West Bengal: पश्चिम बंगाल में 3 साधुओ की मारपीट के मामलें ने तूल पकड़ा सियासत में आया उबाल भाजपा ने ममता पर लगाए आरोप
उ.प्र. के साधुओ की पश्चिम बंगाल में मारपीट पर भाजपा ने टीएमसी पर बोला हमला ममता बनर्जी क्यूं है चुप, क्या बंगाल में हिन्दू होना गुनाह है।
मकड़ाई एक्सप्रेस 24 पश्चिम बंगाल : पुरुलिया में 3 साधुओ को पीटने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। घटना 11 जनवरी गुरुवार की है जहां साधुओ द्वारा लड़कियों से कुछ पूछा गया और लड़कियां घबराकर भागी तो लोगो ने साधुओ को पीटना शुरु कर दिया।
इसके बाद घटना का राजनीतिकरण होने लगा बीजेपी ने टीएमसी आमने सामने आ गई। घटना का विडियो भी खूब वायरल हो रहा है। जहां साधुओ का पक्ष है कि वह लोग रास्ता भटक गए थे और लड़कियों से रास्ता पूछा था और वो डरकर भागी तो लोगों ने हमें गलत समझ लिया।
बताया जा रहा है कि उत्तरप्रदेश के 3 साधु किराये की बोलेरों से मकर संक्राति स्नान के लिए गंगा सागर जा रहे थे। पुरुलिया के गौरांगडील के पास 3 लड़कियां जो काली मंदिर में पूजा करने जा रही थी | उनके पास साधुओ की कार रुकी उन्होने उनसे आगे का रास्ता पूछा भाषा की गलतफहमी में लड़किया चिल्लाते हुए डरकर वहां से भागी। आस-पास के लोगो ने साधुओ को मंदिर के पास ले जाकर मारपीट की। साधु कह रहे है हमने कुछ नही किया है। हाथ जोड़कर माफी मांगते रहे। वही नाराज लोगो ने उनकी बोलेरो के कांच तोड़ दिए उसे धका कर पलट दिया।सूचना पर पुलिस पहुंची और साधुओं को बचाया।
क्या बंगाल में हिन्दू होना गुनाह है– तीन साधुओ की मारपीट का मामलें को तूल देते हुए भाजपा ने टीएमसी पर आरोप लगाते हुए घटना विडियों शेयर करते हुए लिखा क्या बंगाल में हिन्दू होना गुनाह है। इस घटना पर बंगाल की सीएम ममता बनर्जी का कोई भी बयान अब तक सामने नही आया है।जबकि उप्र के साधुओ के साथ उनके प्रदेश में हमला हुआ है। यह उनकी नैतिक जिम्मेदारी बनती है। मामले में ममता सरकार के एक मंत्री ने कहा कि साधुओं पर बच्चे अगवा करने का आरोप था। इसलिए लोगों ने पीटा।

