jhankar
ब्रेकिंग
हरदा : बदलते मौसम में खान-पान का रखें विशेष ध्यान, लू से बचें हरदा : स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के लिए चेक मीटर हेतु ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध हरदा : दिव्यांगजन चिन्हांकन हेतु आयोजित विशेष स्क्रीनिंग शिविरों का हुआ समापन हरदा : नेशनल लोक अदालत में कुल 462 लंबित प्रकरणों का हुआ निराकरण Narmdapuram : NFSA के तहत पात्र परिवारों को दो माह का अग्रिम राशन लोक अदालत का उद्देश्य समाज मे आपसी भाईचारे की स्थापना करना है___जिला न्यायाधीश तबस्सुम खान बिग न्यूज : थाना रहटगाँव तीन नाबालिग बालिकाओ को किया बरामद , आरोपी गिरफ्तार ! हंडिया : हंडिया में स्वच्छता के नाम पर कार्रवाई, 50 से 250 रुपये जुर्माने से दुकानदारों में नाराजगी;... गणगौर लोक उत्सव में सामूहिक झालरिया देना लोक परंपरा, भक्ति और समरसता का अद्भुत संगम होता है – अशोक ग... हरदा : कलेक्टर ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रस्तावित कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा की

रहटगांव: बोथी मे “मैं भी बाघ” एवं ” हम है बदलाव” की थीम पर स्कूली विधार्थियो के लिए पर्यावरण संरक्षण हेतु अनुभूति कार्यक्रम का आयोजन किया

रहटगांव: स्कूली विधार्थियो को वन,वन्यजीवों एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किए जाने के उद्देश्य से मध्य प्रदेश इको पर्यटन बोर्ड द्वारा आयोजित प्रशिक्षण, प्रचार सह जागरूकता शिविर अंतर्गत दिनांक 26/12/2024 को मुख्य वनसंरक्षक महोदय वनवृत्त नर्मदापुरम् अशोक कुमार के निर्देशन एवं वनमंडल अधिकारी हरदा सामान्य अनिल चोपड़ा के कुशल मार्गदर्शन में परिक्षेत्र बोथी मे “अनुभूति कार्यक्रम” का आयोजन वन क्षेत्र में किया गया ।

शिविर में डी पी गोस्वामी टेमागांव परिक्षेत्र अधिकारी बोथी अध्यक्ष एवं सचिव वन सुरक्षा समिति एवं परिक्षेत्र का समस्त स्टाफ उपस्थित रहे|

- Install Android App -

अनुभूति शिविर में शासकीय हाई स्कूल फूलडी एवं झाड़बीड़ा के 121छात्र/ छात्राए एवं 5 शिक्षक / शिक्षिकाए सम्मिलित हुए उपवनमंडल अधिकारी महोदय एवं परिक्षेत्र अधिकारी बोथी द्वारा वन वन्यजीव एवं पर्यावरण संरक्षण और लाईफ मिशन से संबंधित जानकारी दी गई, अनुभूति मास्टर ट्रेनर और प्रेरक वनरक्षक एवं अन्य प्रेरको के द्वारा अनुभूति थीम “मैं भी बाघ” एवं ” हम है बदलाव” की जानकारी दी पारिस्थितिक तंत्र में वन, वन्यजीवो और पर्यावरण संरक्षण के महत्व , विभिन्न जीव जंतुओं के मध्य पारस्परिक संबंध को समझाया गया।

अनुभूति प्रकृति पथ भ्रमण के दौरान विभिन्न वृक्षों की पहचान, वन्यजीव एवं उनके साक्ष्यों की पहचान, मृग एवं हिरण प्रजाति में अंतर, दीमक की बामी ,मकड़ी के जाल के महत्व को बताया गया,लाइफ मिशन के तहत पर्यावरण के संरक्षण में अपनी दैनिक कार्यों की आदतों में छोटे छोटे बदलाव कर हम सभी के कर्तव्य के महत्व को बहुत सरल तरीके से बच्चों को समझाया। खेल खेल में संरक्षण शिक्षण अंतर्गत खाद्य जाल,वन अपराध संबंधी सांप सीढ़ी(जंगल का

कानून), पक्षियों के माइग्रेशन में व्यवधान आदि खेलों के माध्यम से प्रकृति संरक्षण रोचक ढंग से समझाया गया, ईको पर्यटन विकास बोर्ड द्वारा प्रदाय किए गए पेपर से बाघ बनाएं गये, बिना सिले कपड़े से थैली बनाना सिखाया, “मैं भी बाघ” एवं “हम है बदलाव” गान डांस के साथ करवाया गया, वृक्षों एवं वन्य जीवो की पहचान एवं प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता करवाई गई जिसमे प्रथम, द्वितीय,तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया और कार्यक्रम के अंत में पर्यावरण के संरक्षण के प्रति जागरूकता हेतु अनुभूति की शपथ ग्रहण करवाई गई।