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हाई कोर्ट ने कहा हरदा कलेक्टर ने पद का दुरुपयोग करते हुए दबाव में किया मनमर्जी का आदेश – फरियादी को शासन के मद से 1 माह में देना होगा 25 हजार का हर्जाना दिया आदेश

हरदा / कलेक्टर द्वारा अपने पद का दुरूपयोग करते हुए दबाब में आकर मनमाने आदेश करने पर जबलपुर हाई कोर्ट ने हरदा कलेक्टर को दोषी मानते हुए फरियादी के पक्ष में आदेश देकर फरियादी को 1 माह के भीतर 25 हजार रूपये का भुगतान चेक अथवा आरटीजीएस व एकाउंट में करने के आदेश दिए है। जिस पर फरियादी द्वारा 24 दिसंबर 24 को हरदा कलेक्टर को एक सूचना पत्र भेजकर हाई कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए हर्जाने की राशि 25 हजार रूपये बैंक खाते में डाले जाने को लेकर एक आवेदन दिया है।

यह है मामला

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क्षेत्र के ग्राम रहटगांव में रहने वाले मनीष कुमार को दिनांक 28/11/2023 में राज्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत तात्कालीन जिला कलेक्टर द्वारा जिला बदर की कार्रवाहीं करने तथा 6 महिने तक सप्ताह के प्रति सोमवार को रहटगाव थाने में उपस्थित होने एव 1 लाख रूपये का बांड भरने के आदेश दिए गए थे। जिस पर फरियादी ने कमिश्नर को इसकी अपील की किन्तु कमिश्नर द्वारा भी कलेक्टर के आदेश को यथावत रखते हुए फरियादी की अपील दिनांक 22/5/24 को खारिज कर दी गई जिससे दुखी होकर फरियादी ने हाई कोर्ट में रिट पिटीशन याचिका दायर की। हाई कोर्ट में सुनवाई के बाद दिनाक 17 दिसबर 24 को फरियादी के पक्ष में फैसला किया गया और जिला कलेक्टर को शासकीय मद से 25 हजार रूपये का हर्जाना आदेश की प्रति प्राप्त होने के एक माह के भीतर फरियादी के बैंक खाते तथा आरटीजीएस या चेक के माध्यम से हर्जाना देने का आदेश दिया गया।

कलेक्टर ने किया पद का दुरूपयोग

हाई कोर्ट जबलपुर के आदेशानुसार हाई कोर्ट ने कहा की तत्कालीन जिला कलेक्टर द्वारा अपने पद का दुरूपयोग किया गया है साथ ही फरियादी को अपना पक्ष रखने का कोई अवसर नहीं दिया गया। कलेक्टर को कानून की अनिवार्यता को छोडकर दबाब में आकर कोई आदेश पारित नहीं करना चाहिए था। कलेक्टर द्वारा पुलिस अधीक्षक हरदा की दिनांक 13/10/23 की रिर्पोट के अनुसार तथा रहटगाव उपनिरीक्षक के बयान को आधार मानते हुए अपने अधिकार का दुरुप्योग करते हुए यांत्रिक आदेश पारित किया है जिसे नर्मदा पुरम संभाग के आयुक्त ने भी अनुमोदन की मोहर लगाई है। इसी को लेकर फरियादी द्वारा हाईकोर्ट के आदेश की प्रति प्राप्त करने के बाद जिला कलेक्टर को एक आवेदन सौपा है और हर्जाने की राशि 25 हजार रूपये शीघ्र ही बैंक खाते में जमा करने की मांग की है।