jhankar
ब्रेकिंग
चेक बाउंस के मामलों में फरार दो अभियुक्त गिरफ्तार, सजा भुगतने के लिए जेल भेजे कांजी हाउस में गौवंश की बदहाल स्थिति को लेकर बजरंग दल ने किया नगर परिषद कार्यालय का घेराव भारतीय किसान संघ की जिला बैठक में किसानों से जुड़े मुद्दों पर विभागीय अधिकारियों से चर्चा अनंत चतुर्दशी पर हरदा में बदलेगी यातायात व्यवस्था, इन मार्गों से होगा वाहनों का डायवर्जन हंडिया : आस्था के द्वार पर गंदगी का अंबार, खेड़ापति मंदिर के सामने व्यवस्था बेअसर,,, खुशियों की दास्तां प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम से चमका पलाश का भविष्य खाद्य सुरक्षा विभाग ने रहटगांव और हरदा में लिये खाद्य पदार्थों के नमूने उल्लासः एक अभिनव प्रयोग” के तहत ए.डी.आर. सेन्टर हरदा में द्वितीय वृहद् स्वास्थ्य परीक्षण शिविर 26 सि... हरदा के 23 हजार 437 उपभोक्ताओं को अगस्त माह में 20 लाख 92 हजार की छूट शासकीय पॉलिटेक्निक महाविद्यालय में मनाया गया 11वां अंतर्राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस

चेक बाउंस के मामलों में फरार दो अभियुक्त गिरफ्तार, सजा भुगतने के लिए जेल भेजे

हरदा। न्यायालय द्वारा चेक बाउंस के मामलों में दोषसिद्ध दो फरार अभियुक्तों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालय के आदेश के बाद दोनों को सजा भुगतने के लिए जिला जेल हरदा भेज दिया गया।

पहले मामले में न्यायालय प्रेमदीप शाह, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, हरदा द्वारा धारा 138 परक्राम्य लिखित अधिनियम के तहत लंबित प्रकरण में दिनांक 30 अप्रैल 2025 को अभियुक्त तेजसिंह को चेक बाउंस का दोषी पाते हुए 6 माह के कारावास की सजा सुनाई गई थी। साथ ही 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित कुल ₹4,27,295 की राशि परिवादी संस्कार बादर को प्रतिकर के रूप में अदा करने का आदेश दिया गया था।

- Install Android App -

निर्णय के बाद अभियुक्त फरार हो गया था, जिसके चलते न्यायालय ने उसके विरुद्ध स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी किया। पुलिस ने वारंट की तामील करते हुए तेजसिंह को गिरफ्तार कर 23 सितंबर 2026 को न्यायालय के समक्ष पेश किया। न्यायालय के आदेश पर उसे सजा भुगतने के लिए जिला जेल हरदा भेज दिया गया।

इसी प्रकार दूसरे चेक बाउंस प्रकरण में अभियुक्त मथुरादास को न्यायालय ने 18 अक्टूबर 2024 के निर्णय में दोषसिद्ध करते हुए 6 माह के कारावास एवं ₹6,70,476 के प्रतिकर से दंडित किया था। उक्त निर्णय को प्रथम अपीलीय न्यायालय द्वारा भी यथावत रखा गया था।

इस मामले में भी अभियुक्त के फरार होने पर न्यायालय द्वारा स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था। बाद में मथुरादास ने न्यायालय के समक्ष आत्मसमर्पण किया, जिसके बाद न्यायालय के आदेश पर उसे सजा भुगतने के लिए जेल भेज दिया गया।