jhankar
ब्रेकिंग
मथुरा में डॉ. शिरीष अग्रवाल ‘एटलस’ साहित्य गौरव सम्मान से सम्मानित, कार्यक्रम का मुख्य संचालन भी किय... जन्मदिन पर दिखावे और फिजूलखर्ची को कहा अलविदा, पेन-डायरी से रोशन होगा गरीब बच्चों का भविष्य यदुवंशी समाज ने 150 मेधावी विद्यार्थियों का किया सम्मान गूंजे टेसू-घरवा के लोकगीत, जीवंत हुई पुरानी परंपरा तवा बांध से 600 क्यूसेक पानी छोड़ा, 26 अक्टूबर को रात में हरदा पहुंचेगा अवैध शराब के खिलाफ आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई 19 प्रकरण दर्ज हरदा के मगरधा और सोडलपुर में 27 से 31 अक्टूबर तक होगी गोपाल-कृष्ण ग्राम पुरस्कार प्रतियोगिता युवाओं को लोकतंत्र से जोड़ने के लिए 25 अक्टूबर से देशव्यापी ‘विकसित भारत युवा संवाद’ हरदा जिले में स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन योजना के तहत विशेष अभियान  शरद पूर्णिमा पर आज सजेगी गरबा रास की महफिल

दहेज प्रताड़ना का दर्दनाक सच: बेटी की हत्या के बाद पिता ने ससुराल के दरवाजे पर जलायी अंतिम अग्नि

बिहार। आज समाज आधुनिक परिवेश के बाद भी लोगो की महिलाओ के प्रति सकरातम्क सोच नही बन पा रही है। दहेज के नाम पर आज भी बेटियो को मारा जा रहा है।

वैशाली जिला के नंदलालपुर गांव में एक दिल दहला देने वाला घटना सामने आई है, जहां दहेज प्रताड़ना का शिकार शिवांगी की हत्या के बाद उसके शव को बोरे में भरकर नदी मे फेंक दिया। शिकायत के बाद पुलिस भी लापरवाह रही।

क्या है पूरा मामला

मिली जानकारी के अनुसार शिवांगी की शादी 12 फरवरी 2025 को वैशाली के परमहंस तिवारी के पुत्र शुभम से हुई थी। शादी के बाद से ही परिवार ने दहेज लेकर दौड़-धूप शुरू कर दी, जिससे शिवांगी को लगातार मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा। 12 अगस्त को पति समेत ससुराल वालों ने उसकी हत्या कर शव को नदी में फेंक दिया।

पिता ने बेटी की 9 दिन तलाश की

- Install Android App -

शिवांगी के पिता और परिजनों ने 9 दिनों तक उसकी तलाश की, और अंततः पुलिस के साथ कल्याणपुर नदी के पास उसका शव बरामद किया। शव की पहचान पिता ने की।

अन्तिम संस्कार ससुराल के दरवाजे पर

शिवान्गी के पिता और परिजन उसका शव को लेकर उसके ससुराल पहुंचे। जहा ससुराल वाले पहले से फरार थे। शिवांगी के पिता ने शव को वही रखा । अपनी बेटी को ल न्याय न मिलने पर दुखी पिता ने ससुराल के सामने ही बेटी का अंतिम संस्कार किया। इस नाटकीय कदम को ग्रामीणों का सहयोग भी मिला ताकि दहेज के खिलाफ सख्त संदेश दिया जा सके।

महिला सुरक्षा पर सवालिया निशां

इस प्रकार की घटनाए समाज मे होना महिलाओ के प्रति संकीर्ण सोच को दर्शाता है।ये घटना दहेज प्रथा से जुड़ी सच्चाई और महिलाओं की सुरक्षा में होने वाली कमियों पर सवाल उठाती है।