jhankar
ब्रेकिंग
ग्राम चौतलाए खड़ी फसल में आग, कई एकड़ फसल जलकर खाक हरदा : शासकीय शिक्षक संगठन ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौपा हरदा : जल स्रोतों के संरक्षण के लिये 19 मार्च से प्रारम्भ होगा जल गंगा संवर्धन अभियान उनकी बात - नियम विरूद्ध डीजे बजाने वालों की शिकायत करें हरदा: श्रीमती रेवा धर्मेंद्र पटेल अध्यक्ष जनपद पंचायत हरदा के द्वारा किसानों के हित में की बड़ी घोषण... शिवपुर पुलिस की बड़ी सफलता चोरी के मामले में आरोपी मोनू पारधी गिरफ्तार, लाखों का माल बरामद आरोपी गिर... Harda : हरदा जिले के दो सरकारी स्कूलों में शुरू होगा कृषि संकाय, शासन ने दी स्वीकृति Mp news : प्रधानमंत्री 13 मार्च को किसानों के खाते में अंतरित करेंगे पीएम किसान सम्मान निधि की किश्त कमर्शियल सिलेंडर बंद, इंदौर में लकड़ी और कंडों से बनेगा शादी का खाना मैहर में दौड़ती स्लीपर बस में लगी भीषण आग, ड्राइवर-कंडक्टर ने कूदकर बचाई जान

दहेज प्रताड़ना का दर्दनाक सच: बेटी की हत्या के बाद पिता ने ससुराल के दरवाजे पर जलायी अंतिम अग्नि

बिहार। आज समाज आधुनिक परिवेश के बाद भी लोगो की महिलाओ के प्रति सकरातम्क सोच नही बन पा रही है। दहेज के नाम पर आज भी बेटियो को मारा जा रहा है।

वैशाली जिला के नंदलालपुर गांव में एक दिल दहला देने वाला घटना सामने आई है, जहां दहेज प्रताड़ना का शिकार शिवांगी की हत्या के बाद उसके शव को बोरे में भरकर नदी मे फेंक दिया। शिकायत के बाद पुलिस भी लापरवाह रही।

क्या है पूरा मामला

मिली जानकारी के अनुसार शिवांगी की शादी 12 फरवरी 2025 को वैशाली के परमहंस तिवारी के पुत्र शुभम से हुई थी। शादी के बाद से ही परिवार ने दहेज लेकर दौड़-धूप शुरू कर दी, जिससे शिवांगी को लगातार मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा। 12 अगस्त को पति समेत ससुराल वालों ने उसकी हत्या कर शव को नदी में फेंक दिया।

पिता ने बेटी की 9 दिन तलाश की

- Install Android App -

शिवांगी के पिता और परिजनों ने 9 दिनों तक उसकी तलाश की, और अंततः पुलिस के साथ कल्याणपुर नदी के पास उसका शव बरामद किया। शव की पहचान पिता ने की।

अन्तिम संस्कार ससुराल के दरवाजे पर

शिवान्गी के पिता और परिजन उसका शव को लेकर उसके ससुराल पहुंचे। जहा ससुराल वाले पहले से फरार थे। शिवांगी के पिता ने शव को वही रखा । अपनी बेटी को ल न्याय न मिलने पर दुखी पिता ने ससुराल के सामने ही बेटी का अंतिम संस्कार किया। इस नाटकीय कदम को ग्रामीणों का सहयोग भी मिला ताकि दहेज के खिलाफ सख्त संदेश दिया जा सके।

महिला सुरक्षा पर सवालिया निशां

इस प्रकार की घटनाए समाज मे होना महिलाओ के प्रति संकीर्ण सोच को दर्शाता है।ये घटना दहेज प्रथा से जुड़ी सच्चाई और महिलाओं की सुरक्षा में होने वाली कमियों पर सवाल उठाती है।