भोपाल। विदेश में दूध प्रोडक्ट नकली बचने के मामले में सुर्खियों में रहे किशन मोदी अब खुद ही ठगी का शिकार हो गए हैं। कुछ समय पहले आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ ने किशन मोदी को नकली दूध और प्रोडक्ट बनाने के मामले में आरोपी बनाया था। अब किशन मोदी ने एक शिकायत के माध्यम से खुद को ठगा हुआ बताया है। हालांकि आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ ने मोहित और श्वेता गोगिया के खिलाफ ठगी का मामला दर्ज कर लिया है। किशन मोदी पर तीन बैकों से 240 करोड़ का कर्ज था। जिसे 100 करोड़ में सेटलमेंट के नाम पर ठगी की घटना को अंजाम दिया गया है।
13 करोड़ की ठगी हुई
आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ के अधिकारियों ने बताया कि श्री गायत्री फूड प्राइवेट लिमिटेड ने शिकायत की थी कि उनके साथ 13 करोड रुपये की ठगी हुई है। किशन मोदी ने अपनी शिकायत में बताया कि कुछ समय पहले उनकी मुलाकात दिल्ली निवासी मोहित और श्वेता गोगिया से हुई थी। उन्होंने बताया कि उनके ऊपर बैंक का कर्ज है। मोहित ने बताया कि उनकी कंपनी के जरिए सेटलमेंट हो सकता है। मोहित ने अपनी एमजी लीजिंग एंड फाइनेंस कंपनी के जरिए लोन सेटेलमेंट का वादा किया। मोहित ने कहा कि 100 करोड रुपए में सारा कर्ज माफ हो जाएगा और एनपीए भी घोषित नहीं होगा।
शिकायतकर्ता किशन मोदी ने कहा कि उनके पास जमीन है और वह बेचना चाहते हैं। असीमा मॉल स्थित जमीन को खरीदने के लिए मोहित तैयार हो गया। मोहित ने किशन से कहा कि वह सेटलमेंट करने के लिए तैयार है और कई बैंक से लोन भी माफ कर देगा। उसने किशन मोदी को भरोसा दिलाया कि एक मुफ्त समझौता हो जाएगा। इसके लिए उसने वन टाइम सेटलमेंट करने का प्लान बताया। बड़े खातों का निपटारे के लिए बैंक से एनओसी प्राप्त करवाई। लोक के साथ-साथ ओटीएस प्रमाण पत्र डिमांड ड्राफ्ट और स्कैन कर दस्तावेज दिखाएं। इन क्यूआर को स्कैन करने पर बैंक संबंधी जानकारी लगी कि किशन मोदी का लोन माफ हो गया है। किशन मोदी को भरोसा हो गया कि उसका लोन माफ हो गया है। इसके बाद किशन मोदी ने 11 करोड रुपये मोहित की कंपनी में ट्रांसफर कर दिए और साथ ही ढाई करोड़ रुपये नगद दिया। कुल मिलाकर किशन मोदी ने आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ को साढ़े 13 करोड़ रुपये की ठगी की शिकायत दर्ज करवाई है।

