मुंबई। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब सिर्फ चैटबॉट तक सीमित नहीं रहा। टिकटॉक की पैरेंट कंपनी बाइटेडेंस ने ऐसा एआई फोन तैयार किया है जो बिना छुए खुद मोबाइल चलाने की क्षमता रखता है। कंपनी ने इस प्रोजेक्ट का प्रोटोटाइप सार्वजनिक किया है, जिसे टेक जगत में बड़ा बदलाव माना जा रहा है। कई विशेषज्ञ इसे भविष्य की टेक्नॉलजी बताते हैं, वहीं कुछ इसे इंसानी नियंत्रण के लिए खतरा भी कह रहे हैं।
बाइटेडंस ने एक खास एआई एजेंट डाउबाओ विकसित किया है। यह सिस्टम मोबाइल की स्क्रीन को समझ सकता है और उसमें खुद ऑपरेशन कर सकता है, जैसे-
– ऐप्स खोल सकता है।
– यूजर की जगह ऑर्डर प्लेस कर सकता है।
– कॉल, मैसेज और बेसिक फंक्शन खुद ऑपरेट कर सकता है।
– टिकट बुकिंग जैसे काम भी बिना टच किए कर सकता है।
– यानी एआई फोन मोबाइल को ऐसे चलाता है, जैसे कोई इंसान उंगलियों से फोन चला रहा हो लेकिन बिना हाथ लगाए।
– डेमो वीडियो वायरल वॉयस कमांड से फोन खुद करता है काम।
– शेन्जेन के बिजनेसमैन टेलर ओगन ने इसका डेमो वीडियो शेयर किया, जो तेजी से वायरल हुआ।।
इसका वीडियो जारी हुआ जिसमें दिखाई देता है
– यूजर सिर्फ वॉयस कमांड देता है।
– एआई एजेंट स्क्रीन पढ़ता है।
– फिर खुद सही बटन चुनकर टास्क पूरा कर देता है।
– हालांकि कई लोगों ने इसे प्राइवेसी और नियंत्रण को लेकर चिंताजनक बताया है।
डेटा सुरक्षा की चिंता हमेशा रहेगी
रिपोर्ट्स के अनुसार कंपनी एआई फोन के कुछ फीचर्स पर सीमाएं लगाने की योजना बना रही है, ताकि यह संवेदनशील जानकारी तक पहुंच न बना सके। कमर्शियल लॉन्च की तारीख अभी तय नहीं है, लेकिन टेक इंडस्ट्री में इसके डेवलपमेंट को लेकर खूब चर्चा है।
सिरी, एलेक्सा जैसे वॉयस असिस्सेंट से है अलग
एआई फोन असल में वॉयस असिस्टेंट से अलग हैं। यह सिरी, एलेक्सा या गूगल असिस्टेंट से अलग है। वॉयस असिस्टेंट में कोई ऐप वॉयस कमांड पर एक्टिवेट हो जाते हैं। इसके बाद वे चुनिंदा फीचर्स को ही एक्सेस कर पाते हैं। एआई फोन में वॉयस कमांड के बाद मोबाइल कुछ ऐसे काम करता है, जो कोई इंसान मोबाइल चला रहा हो।

