मकड़ाई एक्सप्रेस 24 जबलपुर। बरेला मार्ग पर एक हृदय विदारक दुर्घटना में दो महिला श्रमिकों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए। राष्ट्रीय राजमार्ग पर डिवाइडर की ग्रिल लगाने और पुताई का काम कर रहे ये श्रमिक दोपहर के समय थकान मिटाने के लिए भोजन करने बैठे ही थे कि एक अनियंत्रित लग्जरी कार ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया।
दो निवाले भी नहीं खा सके थे श्रमिक
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोपहर लगभग 2:00 बजे श्रमिक सड़क के किनारे साफ जगह देखकर खाना खाने बैठे थे। वे अभी भोजन शुरू ही कर पाए थे कि मंडला-रायपुर राजमार्ग पर तेज गति से आ रही एक लग्जरी कार ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। हादसा इतना अचानक हुआ कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला। जिस स्थान पर कुछ पल पहले हंसी-मजाक और बातचीत हो रही थी, वहां चीख-पुकार और मातम पसर गया।
अस्पताल में भी अपनों की फिक्र
हादसे के बाद का मंजर बेहद दर्दनाक था। घायल श्रमिक सड़क पर पड़े हुए थे, लेकिन अपनी चोटों की परवाह किए बिना वे बार-बार अपने साथियों की खैरियत पूछ रहे थे। मेडिकल अस्पताल में भर्ती होने के बाद भी घायल श्रमिक अपने उन साथियों के नाम पुकार रहे थे, जो उन्हें आसपास नजर नहीं आ रहे थे। हादसे में लच्छो बाई और चैनवती बाई की सिर में गंभीर चोट लगने के कारण मौके पर ही मौत हो गई।
सरकार और प्रशासन की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन सक्रिय हो गया। लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कलेक्टर और NHAI (भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण) के अधिकारियों को घायलों के समुचित उपचार के निर्देश दिए हैं।
राहत और सहायता राशि
मृतकों के परिजन को सहायता
NHAI ने मृतकों के परिवारों को 2-2 लाख रुपये की आर्थिक मदद देने का निर्णय लिया है।
तत्काल राहत
सहायता राशि में से 1-1 लाख रुपये तत्काल स्वीकृत कर दिए गए हैं।
घायलों का उपचार
सरकार ने आश्वासन दिया है कि सभी घायलों के इलाज का पूरा खर्च उठाया जाएगा।
सुरक्षा पर उठे सवाल
व्यस्त राष्ट्रीय राजमार्गों पर काम करने वाले श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि तेज रफ्तार वाहनों पर अंकुश न होना और कार्य स्थल पर पर्याप्त सुरक्षा घेरा न होना ऐसे हादसों का मुख्य कारण बनता है। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

