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मणिपुर में फिर भड़की हिंसा……….उपद्रवियों ने कई घरों को आग के हवाले किया

इंफाल। मणिपुर में नई सरकार के गठन के महज एक सप्ताह बाद ही हालात फिर बिगड़ते दिख रहे हैं। उखरुल जिले के लिटन सरेइखोंग गांव में हिंसा भड़क उठी, जहां उपद्रवियों ने कई घरों को आग के हवाले किया। घटना के बाद प्रशासन ने एहतियातन पूरे क्षेत्र में पांच दिनों के लिए इंटरनेट सेवाएं निलंबित की हैं।

जानकारी के अनुसार, लिटन सरेइखोंग गांव में यह हिंसा तांगखुल और कुकी जनजातियों के बीच हाल ही में हुई झड़प के बाद सामने आई है। आगजनी की घटना के बाद गांव और आसपास के इलाकों में दहशत का माहौल है। स्थिति को काबू में रखने के लिए सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है।

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मणिपुर सरकार में मंत्री गोविंददास कोंथौजम ने बताया कि हिंसा के दौरान करीब 21 घरों को जलाया गया है। उन्होंने कहा कि हालात फिलहाल तनावपूर्ण बने हुए हैं, लेकिन प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है। मंत्री के अनुसार, किसी भी नई घटना को रोकने के लिए इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बल भेजा हैं और शांति बहाली के प्रयास हो रहे हैं।

इस बीच, तांगखुल नागा समुदाय से जुड़े दो संगठनों—काथो लॉन्ग और काथो कटमनाओ लॉन्ग—ने उखरुल और उससे सटे कामजोंग जिले में कुकी समुदाय के लोगों के आने-जाने पर रोक लगाने का ऐलान किया है। इस फैसले के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है, क्योंकि इससे सामाजिक और प्रशासनिक चुनौतियां खड़ी हो गई हैं।

प्रशासन का कहना है कि इंटरनेट सेवाओं को अस्थायी रूप से बंद करने का फैसला अफवाहों और भड़काऊ संदेशों को फैलने से रोकने के लिए लिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, हालात की समीक्षा के बाद ही इंटरनेट बहाल करने पर निर्णय लिया जाएगा।