jhankar
ब्रेकिंग
हंडिया : घंटी तो बजेगी पर अब आवाज में वो अपनापन नहीं होगा — प्रधान पाठक जीआर चौरसिया को नम आंखों से ... हंडिया : हंडिया में खुला “युवालय सेंटर”, अब गांव के युवाओं को गांव में ही मिलेगा भविष्य गढ़ने का मंच... जबलपुर: नर्मदा नदी में पलट गया सैलानियों से भरा क्रूज, 4 की मौत, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी टीकमगढ़, मुरैना, निवाड़ी में मौसम का बदला मिजाज, आंधी-बारिश के साथ गिरे ओले बड़वाह में नाबालिग लड़की का मोबाइल टावर पर हाई वोल्टेज ड्रामा मुरैना से उज्जैन जा रही बारात हादसे का शिकार, दूल्हे की दादी समेत तीन की मौत इंदौर में बनेगा प्रदेश का पहला क्वांटम कंप्यूटर, हाई टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में बड़ा कदम खंडवा चर्बी कांड: लाइसेंस खत्म होने के बाद भी चल रही थी फैक्ट्री, दो अफसर सस्पेंड 'आप इस जमाने की होकर 5 बच्चे कर रही हो', IAS विदिशा मुखर्जी ने प्रसूता पर किया तीखा बयान हेलीकॉप्टर से सटीक मिसाइलें दागकर भारत ने रचा इतिहास, बढ़ेगी सेना की ताकत

मध्य प्रदेश में अवैध खनिज परिवहन रोकने के लिए 40 ई-चेक पोस्ट की व्यवस्था

भोपाल। मध्य प्रदेश में अवैध खनिज परिवहन पर रोक लगाने के लिए राज्य सरकार ने तकनीक आधारित नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी की है। प्रदेश में 40 ई-चेक पोस्ट स्थापित किए गए हैं, जहां से फिलहाल वाहनों की आवाजाही पर निगरानी रखी जा रही है। इन ई-चेक पोस्ट के माध्यम से खनिज परिवहन में गड़बड़ी पाए जाने पर जल्द ही ऑनलाइन ई-चालान जारी किए जाएंगे।

ई-चालान से संबंधित नियम बनाकर शासन को स्वीकृति के लिए भेजे गए हैं। जैसे ही नियम लागू होंगे, ई-चेक पोस्ट पर दर्ज अनियमितताओं के आधार पर संबंधित वाहन मालिक को सीधे मोबाइल पर ई-चालान भेजा जाएगा।
आधुनिक कैमरे पहचानेंगे वाहनों में लदा खनिज

ई-चेक पोस्ट पर अत्याधुनिक तकनीक से लैस कैमरे लगाए गए हैं, जो वाहनों में लोड खनिज की पहचान करने में सक्षम होंगे। यह भी पता लगाया जा सकेगा कि वाहन में कौन सा खनिज परिवहन किया जा रहा है।

इसके लिए विशेष सॉफ्टवेयर तैयार किया गया है, जिसे आधुनिक कैमरों से जोड़ा गया है। इस तकनीक की मदद से खनिज परिवहन की पूरी प्रक्रिया पर नजर रखी जाएगी और अवैध गतिविधियों को चिन्हित किया जा सकेगा।
AI आधारित तकनीक से होगी वाहनों की जांच

अवैध परिवहन को रोकने के लिए स्थापित इन ई-चेक पोस्ट पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। यहां वेरीफोकल कैमरा, आरएफआईडी लीडर और ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रीडर जैसे उपकरण लगाए गए हैं।

इन उपकरणों की सहायता से खनिज परिवहन में लगे वाहनों की पहचान और उनकी गतिविधियों की जांच की जाएगी। इससे अवैध खनिज परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
निगरानी के लिए बनाए गए कमांड एंड कंट्रोल सेंटर

- Install Android App -

अवैध परिवहन की निगरानी को मजबूत बनाने के लिए राज्य स्तर पर भोपाल में कमांड एंड कंट्रोल सेंटर स्थापित किया गया है। इसके अलावा भोपाल और रायसेन में जिला स्तर पर भी कमांड सेंटर बनाए गए हैं।

इन केंद्रों के माध्यम से ई-चेक पोस्ट से प्राप्त डेटा की निगरानी की जाएगी और संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत कार्रवाई की जा सकेगी।
प्रदेश में वैध और अवैध रेत खदानों की स्थिति

प्रदेश में वर्तमान में 728 रेत खदानें वैध रूप से संचालित हो रही हैं, जबकि 200 से अधिक अवैध रेत खदानों के संचालन की जानकारी भी सामने आई है। यही कारण है कि सरकार ने अवैध उत्खनन और परिवहन पर नियंत्रण के लिए तकनीक आधारित निगरानी व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है।

अवैध उत्खनन और परिवहन के हजारों मामले दर्ज

मध्य प्रदेश में वर्ष 2024-2025 के दौरान अवैध उत्खनन और परिवहन के 10,956 मामले दर्ज किए गए। इन मामलों में फिलहाल केवल जुर्माने की कार्रवाई की गई, जबकि कानून में गंभीर मामलों में सजा का भी प्रावधान है।

अप्रैल 2024 से अब तक दर्ज मामलों के अनुसार अवैध उत्खनन के 1565, अवैध परिवहन के 8540 और अवैध भंडारण के 851 मामले सामने आए हैं। इन मामलों में कुल 83 करोड़ 74 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया।