jhankar
ब्रेकिंग
हरदा की सड़कों पर गड्ढों का ‘राज’, जिम्मेदारों को क्यों नहीं दिख रही बदहाली? सर्व ब्राह्मण समाज ने विपट कॉलोनी के बगीचे में किया पौधारोपण सिराली में बच्चों को संस्कारों से जोड़ने की अनूठी पहल, शंकर मंदिर परिसर में शुरू होगी ‘सनातन संस्कार... शिक्षक दिवस पर गुर्जर समाज की शिक्षिकाओं का सम्मान, बेटियों को शिक्षित कर आगे बढ़ाने की ली शपथ बाइक सवार को बचाने में हरदा के डिप्टी कलेक्टर चोटील, प्राथमिक उपचार के बाद मिली छुट्टी हरदा-टिमरनी विधानसभा को जोड़ने वाली माचक नदी पर पुल तैयार, वर्षों पुरानी समस्या से ग्रामीणों को मिली... हंडिया पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 8.93 ग्राम एमडी ड्रग्स के साथ आरोपी गिरफ्तार, ₹1.38 लाख का माल जब्त मध्य प्रदेश में नर्मदा उफान पर, जबलपुर से खंडवा तक हाई अलर्ट, अगले 24 घंटे सबसे भारी 🌊हंडिया में नर्मदा ने पकड़ी रफ्तार: हर घंटे बढ़ रहा जलस्तर, 3 घंटे में 4 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के विद्यार्थियों ने सीखी मिट्टी के गणेश प्रतिमा बनाना, पर्यावरण संरक्षण क...

खंडवा चर्बी कांड: लाइसेंस खत्म होने के बाद भी चल रही थी फैक्ट्री, दो अफसर सस्पेंड

खंडवा। मोघट थाना क्षेत्र अंतर्गत इमलीपुरा इलाके में जिला प्रशासन और नगर निगम ने अवैध पशु चर्बी निर्माण से जुड़े मामले में बड़ी संयुक्त कार्रवाई की है। इस दौरान आरोपी अनवर कुरैशी के घर और अवैध रूप से संचालित कारखाने पर बुलडोजर और हथौड़े से तोड़फोड़ की गई। कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद रहे, जिससे पूरे क्षेत्र में सख्त माहौल देखने को मिला।

छह दिन बाद हुई बड़ी कार्रवाई
यह कार्रवाई उस घटना के छह दिन बाद की गई है जब खंडवा नगर निगम और प्रशासन को इमलीपुरा क्षेत्र में अवैध गोदाम से पशुओं की चर्बी, हड्डियां और खाल बरामद हुई थी। उस समय की गई शुरुआती कार्रवाई के बाद अब प्रशासन ने आरोपी के निर्माण स्थल और घर को भी निशाने पर लेते हुए सख्त कदम उठाया है। व्यापारी अनवर कुरैशी का लाइसेंस वर्ष 2023 में ही समाप्त हो चुका था। इसके बावजूद पिछले लगभग तीन वर्षों से यहां अवैध रूप से पशु वध और चर्बी निर्माण का काम लगातार चल रहा था। प्रियंका राजावत, नगर निगम आयुक्त

लापरवाह अधिकारियों पर गिरी गाज
इस मामले में गंभीर लापरवाही सामने आने के बाद नगर निगम ने सख्त कदम उठाते हुए स्लॉटर हाउस प्रभारी और एआरआई को निलंबित कर दिया है। साथ ही प्रभारी राजस्व निरीक्षक अमित अग्रवाल और स्वच्छता निरीक्षक जाकिर अहमद को भी निलंबित किया गया है। आरोप है कि इन अधिकारियों ने पशु वध क्षेत्र में हो रही अनियमितताओं की सही जानकारी उच्च स्तर पर नहीं दी और अपने कर्तव्यों में लापरवाही बरती।

खंडवा के परेशीपुरा बेगम पार्क के पास पशुओं की चर्बी से घी बनाने का गोरखधंधा पकड़ा गया था। जांच में खुलासा हुआ कि फैक्ट्री का लाइसेंस 31 मार्च 2023 को ही खत्म हो गया था। यानी 3 साल से अवैध धंधा चल रहा था, पर निगम के जिम्मेदार सोते रहे। अमित अग्रवाल पर आरोप है कि उन्होंने न तो फैक्ट्री बंद कराई, न ही अफसरों को बताया। वहीं जाकिर अहमद पर पशुवध गृह में अवैध काम, गंदगी और रिपोर्टिंग में लापरवाही का आरोप है। दोनों को म.प्र. सिविल सेवा नियम के तहत तत्काल प्रभाव से हटाया गया है। अमित अग्रवाल का मुख्यालय अब SBM/जनगणना कार्यालय जोन-04 और जाकिर अहमद का जलप्रदाय विभाग रहेगा। निगम ने साफ कहा- जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों को बख्शेंगे नहीं, आगे भी कार्रवाई होगा।

- Install Android App -

प्रशासन ने दिया सख्त संदेश
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। प्रशासन का कहना है कि नियमों की अनदेखी करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी भी प्रकार की अवैध पशु वध या निर्माण गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। गौरतलब है कि इस कार्रवाई के बाद इमलीपुरा क्षेत्र में प्रशासनिक सख्ती को लेकर चर्चा तेज हो गई है। स्थानीय लोगों के अनुसार लंबे समय से यहां संदिग्ध गधियों की शिकायतें मिल रही थीं, जिन पर अब जाकर बड़ी कार्रवाई हुई है।

खंडवा नकली घी फैक्ट्री

नकली घी फैक्ट्री कांड से पूरे प्रदेश में हलचल मच गई है यहां इमलीपुरा क्षेत्र में छापेमारी के दौरान 1380 किलो चर्बी, 2700 लीटर चर्बी का तेल और 8 क्विंटल हड्डी-चमड़ा जब्त किया गया। इस भारी मात्रा के आधार पर करीब 138 पशुओं के काटे जाने की आशंका जताई जा रही है। स्थानीय विधायक कंचन तनवे ने सीएम मोहन यादव से कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उन्‍होंने कहा कि लोग भी इस खुलासे के बाद हैरान हैं कि इतनी बड़ी फैक्ट्री लंबे समय तक कैसे चलती रही? इस कार्रवाई ने यह भी साफ कर दिया कि अवैध नेटवर्क कितनी संगठित तरीके से काम कर रहा था।

स्थानीय विधायक कंचन तनवे ने कहा कि एक गली में कई ड्रमों में पशु चर्बी भरी हुई थी, कई क्विंटल चमड़ा, हड्डी बरामद हुई हैं। यह सब गोरखधंधा आखिर कैसे चल रहा था और पुलिस और प्रशासन को इसकी जानकारी पहले क्‍यों नहीं हुई? दरअसल, “हिमालय हाइड्स ऑयल ट्रेडर्स” के नाम से यह पूरा खेल चल रहा था। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि पशुओं की चर्बी को प्रोसेस कर घी और तेल जैसा पदार्थ बनाया जा रहा था और बाजार में सप्लाई किया जा रहा था। अब सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। रिपोर्ट के बाद ही असली सच सामने आएगा, लेकिन शुरुआती तथ्यों ने ही प्रशासन को सख्त कदम उठाने के लिए मजबूर कर दिया है।