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भोपाल मेट्रो का संचालन समय बदला, अब सुबह 11 बजे से शाम 4.30 बजे तक ही चलेगी

भोपाल। राजधानी में मेट्रो यात्रियों के लिए समय में बदलाव किया गया है। शुक्रवार से मेट्रो ट्रेनें अब सुबह 11 बजे से शाम 4:30 बजे तक संचालित होंगी। अब तक मेट्रो सेवाएं दोपहर 12 बजे से शाम 7:30 बजे तक चल रही थीं। अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी काम पूरा होते ही समय को फिर से सामान्य किया जा सकता है। मेट्रो का संचालन फिलहाल सुभाष नगर स्टेशन से लेकर एम्स तक हो रहा है, जिसमें कुल आठ स्टेशन शामिल हैं। यह रूट शुरुआत से ही ट्रायल और सीमित संचालन के तहत चलाया जा रहा है।

टनल बनाने का काम जल्द होगा शुरू
मेट्रो परियोजना के तहत अंडरग्राउंड टनल बनाने का काम भी अब तेजी पकड़ने वाला है। टनल बोरिंग मशीन (TBM) अगले दो-तीन दिनों में खुदाई शुरू करेगी। मशीन को हाल ही में 24 मीटर गहराई तक उतारा गया है और फिलहाल उसकी तकनीकी सेटिंग का काम चल रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह मशीन प्रतिदिन करीब 14 मीटर तक खुदाई कर सकती है, लेकिन भोपाल की पथरीली जमीन को देखते हुए यह गति घटकर 5 से 7 मीटर प्रतिदिन रहने की संभावना है। पहली मशीन द्वारा करीब 50 मीटर टनल तैयार करने के बाद दूसरी TBM को भी उतारा जाएगा। दोनों मशीनों के जरिए टनल निर्माण का काम आगे बढ़ाया जाएगा।

मेट्रो प्रबंधन का कहना है कि सुभाष नगर से एम्स के बीच प्रायोरिटी कॉरिडोर पर सिग्नलिंग सिस्टम का काम शुरू हुआ है। करीब 30 किमी के लिए हुए 800 करोड़ रुपए के टेंडर का यह पहला चरण है। अभी सिग्नलिंग सिस्टम नहीं होने के कारण मेट्रो प्रबंधन को मजबूरन केवल एक ही ट्रैक (डाउन ट्रैक) पर ट्रेन चलानी पड़ रही हैं। यही वजह है कि ट्रेनों की फ्रिक्वेंसी 75 मिनट रखी गई है, जिससे यात्रियों को लंबा इंतजार करना पड़ता है।

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सिग्नलिंग के काम के चलते ऑरेंज लाइन के प्रायोरिटी कॉरिडोर का ट्रैक प्रभावित रहेगा। हालांकि, प्रबंधन ने यह साफ नहीं किया है कि काम कब तक चलेगा और मेट्रो कब तक इसी टाइमिंग पर चलती रहेगी।

20 दिसंबर-25 को शुरू हुई थी मेट्रो भोपाल मेट्रो का उद्घाटन पिछले साल 20 दिसंबर को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री मनोहरलाल खट्‌टर ने किया था। इसके अगले दिन यानी, 21 दिसंबर से कमर्शियल रन शुरू हो गया। इस दिन से आम लोग मेट्रो में सफर करने लगे।

मेट्रो को शुरुआत में अच्छे पैसेंजर मिले, लेकिन बाद में संख्या घटती गई। वर्तमान में मेट्रो में न के बराबर यात्री सफर कर रहे हैं। 5 जनवरी को पहली बार टाइमिंग और फेरे बदले गए थे। शुरुआत में 17 फेरे और सुबह 9 बजे से मेट्रो दौड़ने लगी थी।