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Aaj Ka Rashifal: आज दिनांक 05 अप्रैल 2026 का राशिफल, जानिए आज क्या कहते है आपके भाग्य के सितारे ग्वालियर में ओलावृष्टि का कहर, बाइक-कारों के शीशे चकनाचूर भीषण सड़क हादसा: खड़े ट्राले से टकराई तेज रफ्तार कार, बैतूल-वर्धा के दो युवकों ने गंवाई जान 93 में से 92 छात्र फेल: सांदीपनि स्कूल का चौंकाने वाला रिजल्ट, प्रबंधन पर उठे सवाल भोपाल में फर्जी अस्पतालों के खिलाफ NSUI का प्रदर्शन, CMHO के निलंबन की मांग महू में कुत्ते का आतंक, CCTV में कैद हमला; 5 लोग घायल 972 करोड़ के टेंडर की डायल 112 गाड़ियां बनी खटारा, कुछ महीनों में ही हालत खराब कटनी में नकली बीड़ी-सिगरेट का बड़ा खुलासा, छापे में भारी स्टॉक जब्त रसोई गैस के विकल्प के रूप में केरोसिन की वापसी, तय हुआ 3 लीटर प्रति परिवार कोटा राहुल गांधी ने ली हाई कोर्ट की शरण, शिवराज के बेटे के मानहानि केस को रद्द करने की मांग

ग्वालियर में ओलावृष्टि का कहर, बाइक-कारों के शीशे चकनाचूर

ग्वालियर। ग्वालियर में शनिवार का सूरज तीखे तेवर लेकर निकला था, लेकिन दोपहर होते-होते कुदरत ने अपना रौद्र रूप दिखा दिया। अचानक आए घने बादलों के बाद ऐसी भयानक ओलावृष्टि हुई कि शहर के पॉश इलाके सिटी सेंटर की सड़कें सफेद चादर से ढक गईं। यह नजारा देखने में जितना सुंदर था, शहर के लिए उतना ही नुकसानदेह साबित हुआ।

ओलों का आकार इतना बड़ा था कि ग्वालियर की शान महाराजा बाड़ा स्थित म्यूजियम के ऊपर लगी ऐतिहासिक घड़ी ओलों की चोट से टूट गई है।

शहर के एक निजी अस्पताल की बाउंड्री वॉल गिरने से उसके नीचे खड़ी कई कारें दब गईं। यही नहीं, ओलों के सीधे प्रहार से सड़कों के किनारे और पार्किंग में खड़े बाइक और कारों के शीशे तक चकनाचूर हो गए। पद्मा स्कूल में बाइक के कांच फूटे।

हालात कुछ ऐसे हो गए कि शहर के मुरार, आनंद नगर, बहोड़ापुर, विनय नगर समेत सिटी सेंटर इलाकों में इतनी अधिक ओलावृष्टि हुई कि वहां सफेद चादर पसर गई।

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किसानों पर मार

एक तरफ शहरवासियों को गर्मी से राहत मिली, तो दूसरी तरफ अन्नदाता के माथे पर चिंता की लकीरें गहरी हो गईं। खेतों में गेहूं की फसल पककर तैयार खड़ी थी, जिसे इस ओलावृष्टि ने जमीन पर बिछा दिया है।

सटीक निकली IMD की चेतावनी

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शुक्रवार को ही पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की चेतावनी दी थी। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, भूमध्य सागर से उठी इन हवाओं ने जेट स्ट्रीम के सहारे भारत पहुंचकर मध्य प्रदेश और राजस्थान में असर दिखाना शुरू कर दिया है।

विभाग ने अलर्ट जारी किया है कि 7 अप्रैल तक गरज-चमक और ओलावृष्टि का यह सिलसिला जारी रह सकता है। इस साल मार्च में सामान्य से कहीं अधिक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय रहे, जिसका असर अब अप्रैल की शुरुआत में भी दिख रहा है।