उज्जैन। उज्जैन में ट्रैक्टर धोखाधड़ी का बड़ा खुलासा, किसानों को ज्यादा किराए का लालच देकर 20 ट्रैक्टर हड़प लिए गए, पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर करोड़ों की संपत्ति बरामद की, जानिए कैसे चलता था पूरा खेल। खेती-किसानी में ट्रैक्टर सिर्फ मशीन नहीं, बल्कि किसान की सबसे बड़ी ताकत होता है। लेकिन जब इसी ताकत को कोई धोखे से छीन ले, तो दर्द सिर्फ आर्थिक नहीं, भावनात्मक भी होता है। ऐसा ही एक चौंकाने वाला मामला उज्जैन जिले से सामने आया है, जहां किसानों को ‘ट्रैक्टर किराया’ के नाम पर बड़े स्तर पर ठगा गया। गांव के सीधे-सादे किसानों को ज्यादा कमाई का सपना दिखाकर उनके ट्रैक्टर ले लिए गए और फिर उन्हें बेच दिया गया। जब तक किसानों को सच का पता चलता, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। अब पुलिस की कार्रवाई में इस पूरे ‘ट्रैक्टर धोखाधड़ी’ का पर्दाफाश हुआ है।
कैसे चला ‘ट्रैक्टर धोखाधड़ी’ का खेल?
इस पूरे मामले में आरोपी की चाल बेहद शातिर थी। आरोपी गांव-गांव जाकर ऐसे किसानों को तलाशता था, जिनके पास ट्रैक्टर तो था, लेकिन अतिरिक्त आमदनी के अवसर कम थे। वह किसानों को समझाता कि उनका ट्रैक्टर किराए पर चलवाकर हर महीने अच्छा पैसा दिला सकता है। ज्यादा किराए का लालच देकर वह उनका भरोसा जीत लेता था। एक बार भरोसा बनने के बाद किसान खुद ही अपना ट्रैक्टर उसे सौंप देते थे। यही से शुरू होता था ‘ट्रैक्टर धोखाधड़ी’ का असली खेल।
ट्रैक्टर लेकर गायब, फिर दूसरे जिलों में बेच देता था
जैसे ही आरोपी ट्रैक्टर अपने कब्जे में लेता, वह धीरे-धीरे संपर्क तोड़ देता था। न तो किराया मिलता और न ही ट्रैक्टर वापस किया जाता। जांच में सामने आया कि आरोपी इन ट्रैक्टरों को दूसरे जिलों में ले जाकर बेच देता था या गिरवी रख देता था। इससे उसे तुरंत बड़ी रकम मिल जाती थी। पुलिस के अनुसार यह ‘ट्रैक्टर धोखाधड़ी’ उज्जैन के अलावा इंदौर, धार और रतलाम तक फैली हुई थी।
20 ट्रैक्टर बरामद, 1.80 करोड़ का नुकसान
लगातार मिल रही शिकायतों के बाद पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लिया। जांच शुरू की गई और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस ने अलग-अलग जगहों से कुल 20 ट्रैक्टर बरामद किए हैं। इनकी अनुमानित कीमत करीब 1 करोड़ 80 लाख रुपये बताई जा रही है। यह खुलासा ‘ट्रैक्टर धोखाधड़ी’ के बड़े नेटवर्क की ओर इशारा करता है, जिसमें और भी लोग शामिल हो सकते हैं।

