हंडिया : वीर तेजाजी मंदिर हंडिया में पं. कृपाशंकर जी सारस्वत ने सुनाया कंस वध, रुक्मणी विवाह प्रसंग में झूमे श्रद्धालु!
“जब बढ़ता है अधर्म, तब श्रीकृष्ण लेते हैं अवतार” — कथा में गूंजे धर्म और भक्ति के संदेश!
हंडिया।श्री वीर तेजाजी मंदिर हंडिया में आयोजित संगीतमय श्रीमद भागवत कथा के आज छठवें दिवस धर्म, भक्ति और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। कथा प्रवक्ता परम पूज्य पं. कृपाशंकर जी सारस्वत (नीमाखेड़ी वाले) ने भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन करते हुए कंस वध एवं रुक्मणी-कृष्ण विवाह प्रसंग सुनाया।
पं. कृपाशंकर जी सारस्वत ने कहा कि जब पृथ्वी पर पाप और अत्याचार बढ़ जाता है, तब भगवान धर्म की रक्षा के लिए अवतार लेते हैं। भगवान श्रीकृष्ण ने कंस का वध कर अधर्म का अंत किया और सत्य एवं धर्म की स्थापना की। कथा के दौरान श्रद्धालु “जय श्रीकृष्ण” के जयघोष लगाते रहे, जिससे पूरा पंडाल भक्तिमय माहौल में गूंज उठा।
इसके पश्चात रुक्मणी-कृष्ण विवाह प्रसंग का मनोहारी वर्णन किया गया। विवाह प्रसंग के दौरान भजन, संगीत और श्रद्धालुओं की भक्ति ने ऐसा वातावरण बनाया कि श्रद्धालु भावविभोर होकर झूम उठे। महिलाओं एवं युवाओं में विशेष उत्साह देखने को मिला।
कथा में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर धर्म लाभ ले रहे हैं। आयोजन श्री भक्तिमती श्री कर्माबाई महिला मंडल मध्य भारत, जिला हरदा (मध्यप्रदेश) द्वारा किया जा रहा है। कथा का भव्य समापन एवं पूर्णाहुति कार्यक्रम कल आयोजित होगा।

