हंडिया उपकेंद्र विवाद: बिजली विभाग का आवेदन थाना पहुंचा, अब वरिष्ठ अधिकारियों के निर्णय पर टिकी आगे की कार्रवाई!
हंडिया। हंडिया विद्युत उपकेंद्र पर बिजली संकट को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन के बाद मामला अब प्रशासनिक और कानूनी स्तर पर पहुंच गया है। मध्यप्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड के अधिकारियों द्वारा प्रदर्शन का नेतृत्व करने वाले अनुशासन तिवारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए थाना हंडिया में लिखित आवेदन प्रस्तुत किया गया है।
विद्युत विभाग द्वारा दिए गए आवेदन में आरोप लगाया गया है कि 5 जून को कुछ लोगों के साथ उपकेंद्र पहुंचकर प्रदर्शन किया गया तथा विद्युत आपूर्ति बाधित होने की स्थिति निर्मित हुई। विभाग ने अपने आवेदन में शासकीय कार्य में बाधा, विद्युत उपकरणों के साथ छेड़छाड़ तथा कर्मचारियों को परेशानी होने जैसी बातों का उल्लेख किया है। विभाग ने मामले में प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज करने की मांग की है।
सूत्रों के अनुसार थाना हंडिया ने आवेदन प्राप्त कर लिया है, लेकिन फिलहाल मामले में तत्काल एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। बताया जा रहा है कि प्रकरण को परीक्षण एवं आवश्यक दिशा-निर्देश के लिए वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष भेजा जा रहा है। अब मामले में आगे की कार्रवाई एसडीओपी स्तर पर परीक्षण और निर्णय के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
गौरतलब है कि बीते दिनों हंडिया क्षेत्र में लगातार बिजली कटौती को लेकर ग्रामीणों और उपभोक्ताओं में भारी नाराजगी देखी गई थी। इसी को लेकर बड़ी संख्या में लोग विद्युत उपकेंद्र पहुंचे थे और बिजली व्यवस्था में सुधार की मांग करते हुए प्रदर्शन किया था।
इधर, इस पूरे मामले पर क्षेत्रवासियों की नजर बनी हुई है। एक ओर बिजली विभाग कार्रवाई की मांग कर रहा है, वहीं दूसरी ओर प्रदर्शनकारी पक्ष का कहना है कि उन्होंने क्षेत्र की गंभीर बिजली समस्या को लेकर आवाज उठाई थी। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि वरिष्ठ अधिकारियों के स्तर पर परीक्षण के बाद पुलिस क्या निर्णय लेती है और मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है।
फिलहाल पूरे मामले में अगला कदम वरिष्ठ अधिकारियों के निर्णय के बाद ही तय होगा।

