: हर बूंद जरूरी – पोलियो से सुरक्षा का मजबूत कवच
आज 28 जून को पूरे देश में राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का एक ही मकसद है — 0 से 5 साल तक के हर बच्चे को पोलियो की दो बूंद पिलाकर भारत को हमेशा के लिए पोलियो मुक्त बनाए रखना। याद रखें, एक भी बच्चा छूटा तो वायरस वापस लौट सकता है।
पोलियो क्यों खतरनाक है?
पोलियो वायरस मुख्य रूप से बच्चों की रीढ़ की हड्डी पर हमला करता है। इससे हाथ-पैर में लकवा हो सकता है और कई बार जान का खतरा भी बन जाता है। यह बीमारी दूषित पानी और संक्रमित व्यक्ति के संपर्क से फैलती है। इसका कोई इलाज नहीं है, केवल टीकाकरण ही बचाव है।
अभियान की खास बातें
1. तारीख व समय : आज 28 जून, सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक।
2. कौन पिलाएगा : हर आंगनबाड़ी केंद्र, सरकारी अस्पताल, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और घर-घर जाकर प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी व आशा कार्यकर्ता।
3. किसे पिलाएं : जन्म से लेकर 5 साल तक के हर बच्चे को, चाहे उसने पहले कितनी भी बार दवा पी हो।
4. खुराक : सिर्फ दो बूंद, बिल्कुल मुफ्त और सुरक्षित।
अभिभावकों की भूमिका
– अपने मोहल्ले के पोलियो बूथ की जानकारी रखें।
– बच्चे को खाली पेट या भरे पेट — किसी भी समय दवा पिलाई जा सकती है।
– बुखार, खांसी या दस्त होने पर भी पोलियो ड्रॉप सुरक्षित है।
– पड़ोस में कोई बच्चा छूट गया हो तो स्वास्थ्य कार्यकर्ता को तुरंत बताएं।
भारत की उपलब्धि
भारत को 2014 में विश्व स्वास्थ्य संगठन ने पोलियो मुक्त घोषित किया था। यह सफलता करोड़ों स्वास्थ्यकर्मियों, माता-पिता और समाजसेवियों की मेहनत से मिली। लेकिन पाकिस्तान और अफगानिस्तान में अभी भी पोलियो के मामले मिलते हैं। इसलिए सतर्कता जरूरी है। जब तक पूरी दुनिया से पोलियो खत्म नहीं होता, तब तक हर साल पल्स पोलियो अभियान चलता रहेगा।
एक अपील
आपका दो मिनट का समय आपके बच्चे को जिंदगी भर की अपंगता से बचा सकता है। आज अपने बच्चे को पोलियो बूथ ले जाएं और ‘दो बूंद जिंदगी की’ जरूर पिलवाएं। साथ ही व्हाट्सएप, फेसबुक पर #DoBoondZindagiKi लिखकर दूसरों को भी जागरूक करें।
याद रखें: एक भी बच्चा छूटा, सुरक्षा चक्र टूटा।
आइए, मिलकर संकल्प लें — अपने जिले और देश को हमेशा पोलियो मुक्त रखेंगे।

