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रिद्धनाथ मंदिर परिसर में 3 लाख 80 हजार का एक कमरा, जबकि पीएम आवास योजना में 1.20 लाख में दो कमरे! खर्च की गई राशि पर उठ रहे सवाल ! पंच का आरोप, भ्रष्टाचार हुआ 

हंडिया। गरीब परिवारों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) में सरकार केवल 1 लाख 20 हजार रुपए में दो पक्के कमरे तैयार करा कर देती है। लेकिन आश्चर्यजनक रूप से रिद्धनाथ मंदिर परिसर में पुलिस कंट्रोल रूम के नाम पर बने महज़ एक कमरे पर 4 लाख 50 हजार रुपए का खर्च दिखाया गया है।

 

यह अंतर देख कर आम जनता दंग रह गई है।दबी जुबान में लोगों का कहना है – “जब एक गरीब का सपना 1.20 लाख में दो कमरे बनाकर पूरा हो सकता है, तो मंदिर में बने पुलिस कंट्रोल रूम का खर्च इतना ज्यादा क्यों?”

 

मंदिर परिसर में ‘सोने का कमरा’ या भ्रष्टाचार का खेल?

स्थानीय ग्राम पंचायत के पंच सुमित खत्री ने कहा कि सवाल उठता है कि आखिर एक साधारण कमरे की लागत प्रधानमंत्री योजना से चार गुना ज्यादा कैसे हो गई? कहीं यह निर्माण कार्य गुणवत्ता और पारदर्शिता से ज्यादा बिल और बजट का खेल तो नहीं? उन्होंने आरोप लगाया कि इस निर्माण कार्य  में फर्जी बिल वाउचर कर मनमाने बिल लगाकर भ्रष्टाचार किया है। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही इस मामले की शिकायत कलेक्टर ओर जिला पंचायत सीईओ को करेंगे।

 

आम जनता की गाढ़ी कमाई का पैसा है, इसे कोई निजी जेब से खर्च नहीं कर रहा। जांच होनी चाहिए

गांव में गरीबों को छत चाहिए, उनके लिए पैसा कम है, लेकिन अधिकारियों के कमरों पर चार-पांच गुना ज्यादा खर्च दिखाना कहां तक न्याय है?

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इस मामले में अब ग्रामीणों और समाजसेवियों विशेष ध्यान दकर प्रशासन से जांच की मांग करना चाहिए

यदि प्रधानमंत्री आवास जैसी राष्ट्रीय योजना में सीमित धनराशि से बेहतर गुणवत्ता के मकान खड़े हो सकते हैं तो मंदिर परिसर में बने कंट्रोल रूम का खर्च चार गुना ज्यादा क्यों आया?

यह मामला सिर्फ एक मंदिर या एक कमरे तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे सिस्टम की पारदर्शिता और जवाबदेही पर सवाल खड़े करता है।

अब देखना होगा कि प्रशासन इस मुद्दे को कितनी गंभीरता से लेता है और क्या इस ‘महंगे कमरे’ की असली कहानी सामने आएगी या फिर यह मामला कागज़ों में दबकर रह जाएगा।

 

इनका कहना है। 

पुलिस कंट्रोल रूम लगभग 3 लाख 80 हजार रुपए कीमत का है। अभी कार्य अधूरा है। टीन शेड का बना है।अभी सीसी जारी नहीं हुई। खर्च राशि ग्राम पंचायत ही बता पायेगी।

अमित चौकीकर उपयंत्री 

आर ई एस विभाग हरदा