jhankar
ब्रेकिंग
सिराली में 16 वर्षीय छात्रा की मौत, घर में अज्ञात पदार्थ का किया सेवन चक्रवात अर्नब आंध्र प्रदेश तट से टकराया, ओडिशा में कहर, बंगाल तक अलर्ट यमुना एक्सप्रेसवे पर चलती AC स्लीपर बस बनी आग का गोला, 9 यात्री जिंदा जले हरदा में 6 अक्टूबर को सजेगी हास्य-सुर की महफिल, 21वां विराट कवि सम्मेलन 26 सितंबर को जिला न्यायालय में मेगा हेल्थ कैंप हरदा मंडी 3 दिन बंद रहेगी, सोमवार से फिर शुरू होगी नीलामी 5 अक्टूबर को हरदा में गोंडवाना की वीरांगना रानी दुर्गावती की प्रतिमा का अनावरण भोपाल में वकील से मारपीट का मामला बिगड़ा, पुलिस पर FIR के बाद वकीलों का हंगामा - राहगीरों से भी मारप... पुरानी रंजिश के चलते बदमाश ने की दो जगह फायरिंग IMD ALERT 24 SEPT, देश के 19 राज्यों में भारी बारिश और आंधी का अलर्ट

149 दिन बाद खुले बद्रीनाथ धाम के कपाट, श्रद्धालुओं में खासा उत्साह

चमोली। उत्तराखंड की विश्वप्रसिद्ध चारधाम यात्रा के तहत चमोली जिले स्थित बद्रीनाथ धाम के कपाट गुरुवार सुबह 6 बजकर 15 मिनट पर विधिवत रूप से खोल दिए गए। करीब 149 दिनों बाद मंदिर के द्वार खुलने के साथ ही श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला।

कपाट खुलने के बाद सबसे पहले उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भगवान बद्रीविशाल के दर्शन किए। उनके बाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने पूजा-अर्चना की। मंदिर परिसर में कपाट खुलने के समय लगभग 2 हजार श्रद्धालु मौजूद थे। परंपरा के अनुसार, सबसे पहले पिछले छह महीनों से जल रही अखंड ज्योति के दर्शन कराए जा रहे हैं। कपाट बंद होने के दौरान भगवान बद्रीविशाल की प्रतिमा को ढकने के लिए चढ़ाया गया घृत कंबल भी हटाया गया। बद्रीनाथ धाम के पूर्व धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल के अनुसार इस वर्ष कंबल घी से पूरी तरह लबालब मिला, जिसे आने वाले समय में अनुकूल मौसम और समृद्धि का संकेत माना जा रहा है।

- Install Android App -

धार्मिक मान्यता के अनुसार, यह घृत कंबल माणा गांव की कुंवारी कन्याओं द्वारा उपवास रखकर एक ही दिन में तैयार किया जाता है। ऊन से बने इस कंबल को शुद्ध घी में डुबोकर भगवान को अर्पित किया जाता है। छह माह तक बर्फबारी और अत्यधिक ठंड के बावजूद कंबल की स्थिति को भविष्य के संकेत के रूप में देखा जाता है।

अब सभी चारों धाम के कपाट खुले
बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने के साथ ही अब उत्तराखंड के सभी चारों धाम—गंगोत्री धाम, यमुनोत्री धाम, केदारनाथ धाम और बद्रीनाथ—श्रद्धालुओं के लिए खुल चुके हैं। इससे पहले अक्षय तृतीया के अवसर पर 19 अप्रैल को गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट खोले गए थे, जबकि 22 अप्रैल को केदारनाथ धाम के द्वार खोले गए। राज्य सरकार के अनुसार इस वर्ष चारधाम यात्रा को अधिक सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। वर्ष 2025 में लगभग 51 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने चारधाम यात्रा की थी, जबकि इस साल अब तक 21 लाख से ज्यादा श्रद्धालु पंजीकरण करा चुके हैं, जिससे इस बार रिकॉर्ड संख्या में यात्रियों के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।