इंदौर। बहुचर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड में मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी की जमानत याचिका फिर खारिज हो गई है। शिलांग की अदालत में जमानत याचिका लगाई गई थी, जिसे कोर्ट ने रद्द कर दिया। जमानत याचिका खारिज होने के बाद सोनम रघुवंशी फिलहाल ज्यूडिशियल कस्टडी में ही बनी रहेंगी।
शिलॉन्ग की डिस्ट्रिक्ट जेल में बंद हैं सोनम रघुवंशी
सोनम रघुवंशी ने कोर्ट में अपनी जमानत याचिका दायर की थी, जिसमें सोनम ने कहा कि उन्हें फंसाया गया है और हत्या के आरोप बिना ठोस सबूत पर आधारित हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि उनकी शादी पूरी तरह से सामान्य थी, वे अपने पति के साथ खुश थीं, और हनीमून की तैयारी में भी सक्रिय रूप से शामिल थीं। इसलिए पति की हत्या का कोई उद्देश्य स्पष्ट नहीं होता है। अदालत ने सभी दलीलों को सुनने के बाद भी याचिका खारिज कर दी। फिलहाल सोनम शिलॉन्ग की डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में बंद हैं। मामले को अब आगे की सुनवाई के लिए सेशन कोर्ट में भेजा जाएगा।
‘पुलिस ने भी सुनियोजित हत्या का दावा किया’
प्रोसिक्यूशन पक्ष ने कोर्ट को बताया कि केस में कई अहम साक्ष्य मिले हैं. इसके अलावा कई अहम तथ्य जुड़े हुए हैं। मामले में चार्जशीट भी पहले ही दाखिल की जा चुकी है। पुलिस ने यह भी दावा किया कि हत्या सुनियोजित थी, जिसमें सोनम रघुवंशी की भूमिका उजागर हुई है। साथ ही अन्य कई आरोपियों के खिलाफ भी चार्ज फ्रेम्ड हैं। पूरे मामले में अब जांच जारी है और अदालत आगे सबूतों और दस्तावेजों की समीक्षा करेगी।
खाई से बरामद हुआ था राजा रघुवंशी का शव
इंदौर के कारोबारी राजा रघुवंशी हत्याकांड देशभर में चर्चा में रहा था. मई 2025 में इंदौर के व्यापारी राजा और उनकी नई नवेली पत्नी सोनम मेघालय के शिलांग हनीमून पर गए थे। इसके बाद दोनों लापता हो गए। बाद में राजा का शव जून 2025 में एक खाई के पास से बरामद हुआ था। लेकिन बाद में पुलिस ने सोनम को रघुवंशी को गिरफ्तार कर लिया। अभियोजन के अनुसार, सोनम ने अपने कथित प्रेमी राज कुशवाहा और अन्य साथियों के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची थी, जिस पर लंबी चार्जशीट पहले ही दाखिल की जा चुकी है।

