jhankar
ब्रेकिंग
रन्हाई कला में अवैध पटाखा भंडारण पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई हरदा में किसान संगठनों की बैठक सम्पन्न एक दिवसीय प्रशिक्षण प्रस्फुटन शक्ति संचय मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत ने योजनाओं की समीक्षा कर दियें निर्देश गंजाल नदी में अवैध रेत उत्खनन पर वन विभाग की कार्रवाई, रेत से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली पकड़ी मकड़ाई समाचार की खबर का बड़ा असर: समोई गांव में एक महीने से बंद हैंडपंपों की मरम्मत शुरू हरदा में तीन दिन की नवजात बच्ची अस्पताल चौराहे पर बाथरूम के पास मिली खिरकिया में खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर नमूने लिये महर्षि ज्ञानपीठ के हिमाक्ष राठौर का राज्य स्तरीय खो-खो प्रतियोगिता के लिए चयन टिमरनी मंडी समिति की किसानों से अपील: अब उपज लेकर मंडी न आएं, 25 हजार क्विंटल की बंपर आवक से भरा मंड...

कटनी में 40 साल पुराना हनुमान मंदिर तोड़ा; बजरंग दल ने किया प्रदर्शन

कटनी। मध्य प्रदेश के कटनी जिले के पाठक वार्ड क्षेत्र में उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया जब देर रात एक प्राचीन हनुमान मंदिर को तोड़ दिया गया। बताया जा रहा है कि यह मंदिर लगभग 40 साल पुराना था और स्थानीय लोगों की गहरी आस्था से जुड़ा हुआ था। घटना के बाद इलाके में भारी रोष फैल गया और बजरंग दल के कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए।

जानकारी के अनुसार, यह मंदिर लक्ष्मी पान भंडार के पास स्थित था और रेलवे निर्माण कार्य के दौरान L&T कंपनी की टीम ने काम करते हुए मंदिर को तोड़ दिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि न केवल मंदिर तोड़ा गया, बल्कि हनुमान जी की प्रतिमा को नाले में फेंक दिया गया। इस घटना के बाद बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने विरोध स्वरूप चक्का जाम कर दिया।

- Install Android App -

भट्टा मोहल्ला से लेकर मुड़वारा स्टेशन और साउथ रेलवे स्टेशन बाजार जाने वाले मार्ग पर टायर जलाकर प्रदर्शन किया गया, जिससे पूरे क्षेत्र में यातायात पूरी तरह ठप हो गया। विरोध प्रदर्शन करीब तीन घंटे से अधिक समय तक जारी रहा। प्रदर्शनकारियों ने रेलवे प्रशासन और L&T कंपनी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

घटना की सूचना मिलते ही रेलवे के एरिया मैनेजर, सीएसपी कटनी और रंगनाथ थाना पुलिस मौके पर पहुंच गए। प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके की स्थिति संभालने और प्रदर्शनकारियों को शांत करने का प्रयास किया, लेकिन कार्यकर्ता अपनी मांगों पर डटे रहे। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं का कहना है कि मंदिर को बिना किसी पूर्व सूचना और अनुमति के तोड़ा गया, जो न केवल धार्मिक भावना को आहत करता है, बल्कि प्रशासन की लापरवाही को भी दर्शाता है। उन्होंने मंदिर के पुनर्निर्माण और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।