मकड़ाई एक्सप्रेस 24राजपुर/इंदौर | मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले में भ्रष्टाचार के विरुद्ध लोकायुक्त इंदौर ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है। जिले के निवाली विकासखंड में पदस्थ विकासखंड स्रोत समन्वयक (BRC) महेंद्र सिंह राठौर को ₹5,000 की रिश्वत लेते हुए लोकायुक्त की टीम ने रंगेहाथों गिरफ्तार किया है।
क्या है पूरा मामला ?
शिकायतकर्ता जितेंद्र सोनी, जो ग्राम खत्री फलिया (निवाली) में प्राथमिक शिक्षक और प्रभारी प्रधानाध्यापक के पद पर कार्यरत हैं, ने लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय को शिकायत दर्ज कराई थी।
शिकायत मे बताया कि स्कूल में बालिका शौचालय की रिपेयरिंग के लिए ₹20,000 का फंड आया था। तकनीकी दिक्कतों के कारण सरकारी राशि का आहरण नहीं हो सका, लेकिन शिक्षक ने बच्चों की सुविधा के लिए अपने पास से पैसे लगाकर काम समय पर पूरा करवा दिया।
रिश्वत की मांग
जब कार्य पूर्णता प्रमाण-पत्र (Completion Certificate) जमा करने की बारी आई, तो बीआरसी महेंद्र सिंह राठौर और सब-इंजीनियर अश्विन डागर ने मिलकर ₹5,000 की रिश्वत की मांग की।
आपसी सांठ गांठ थी
सत्यापन के दौरान पाया गया कि सब-इंजीनियर ने रिश्वत की राशि बीआरसी को देने को कहा था। बीआरसी ने यह राशि खुद के लिए, सब-इंजीनियर और सहायक यंत्री (DPC कार्यालय) के हिस्से के तौर पर मांगी थी।
ट्रैप की कार्रवाई: ATM के पास दबोचा गया आरोपी
आज बुधवार सुबह लोकायुक्त की टीम ने जाल बिछाया। आरोपी बीआरसी ने रिश्वत की राशि देने के लिए आवेदक को बड़वानी रोड (राजपुर) स्थित एसबीआई बैंक के एटीएम के पास बुलाया, जहाँ आरोपी का निवास भी है। जैसे ही शिक्षक ने ₹5,000 की राशि महेंद्र सिंह राठौर को सौंपी, आसपास सादे कपड़ों में तैनात लोकायुक्त दल ने उन्हें रंगेहाथों दबोच लिया।
क्या हुई कानूनी कार्रवाई
आरोपियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम 2018 की धारा 7 और भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 61(2) के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। फिलहाल राजपुर रेस्ट हाउस पर अग्रिम वैधानिक कार्यवाही जारी है।
कार्रवाई में शामिल टीम
इस सफल ट्रैप दल का नेतृत्व उप पुलिस अधीक्षक सुनील तालान ने किया। टीम में प्रधान आरक्षक प्रमोद यादव, आरक्षक आशीष नायडू, रामेश्वर निंगवाल, कमलेश परिहार और मनीष माथुर शामिल रहे।
लोकायुक्त की आमजन से अपील
भ्रष्टाचार के विरुद्ध मुहिम जारी है। यदि कोई भी शासकीय अधिकारी या कर्मचारी काम के बदले रिश्वत की मांग करता है, तो तुरंत लोकायुक्त कार्यालय इंदौर में संपर्क करें।

