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छतरपुर आदिवासी महिलाओं का कोहराम, केन-बेतवा प्रोजेक्ट का काम ठप, कानूनी गारंटी पर अड़ीं

छतरपुर। सूखे बुन्देलखंड को हरा भरा करने के लिए केन बेतवा लिंक परियोजना का काम छतरपुर जिले में चल रहा है। पहले फेज में बांध का निर्माण शुरू हुआ लेकिन उससे पहले ग्रामीणों ने काम बन्द करवा कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। आदिवासी महिलों ने सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर की अगवाई में प्रदर्शन किया ओर समझाइश देने पहुंचे SDM को महिलाओ ने घेर लिया। महिलाओं ने कहा कि जब तक मुआवजा ओर कानूनी गारंटी नहीं मिलेगी काम नहीं होगा। केन वेतवा लिंक परियोजना का दो दिनों से काम बंद चल रहा है।

केन बेतवा लिंक परियोजना के तहत ढोड़न बांध का निर्माण रुका

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई की महत्वकांक्षी केन बेतवा लिंक परियोजना के तहत ढोड़न बांध का निर्माण किया जा रहा है। जिस स्थान पर निर्माण हो रहा वहां स्थनीय ग्रामीणों ने पहुंचकर प्रदर्शन शुरू कर दिया और अपने अधिकारों की मांग करते हुए पहले मुआवजा की बात कही। सैकड़ों की संख्या में महिलाओं ने पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में शामिल अधिकांश महिलाएं आदिवासी समाज से थीं। महिलाओं ने प्रशासन पर कानून का पालन न करने का गंभीर आरोप लगाते हुए बांध के निर्माण कार्य को रुकवा दिया।

ग्रामीणों को उनके अधिकारों की कानूनी गारंटी मिले

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पिछले दो दिनों से काम बंद है और ग्रामीणों का प्रदर्शन चल रहा है। दरसल, छतरपुर जिले के विजावर अनुविभाग के अंतर्गत केन बेतवा लिंक परियोजना का काम चल रहा था, लेकिन कुछ दिनों से ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन कर काम को बंद करवा दिया। सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर कहते हैं “जब तक आदिवासी परिवार और अन्य ग्रामीणों को उनके अधिकारों की कानूनी गारंटी नहीं मिलेगी, तब तक यह आंदोलन नहीं रुकेगा।

वहीं, जानकारी लगते ही विजावर SDM विजय द्विवेदी, तहसीलदार, कई पटवारी, पुलिस बल मौके पर पहुंचा तो महिलाओं ने SDM को घेर लिया। महिलाओं ने नारेबाजी करते हुए अपनी मांगे शुरू कर दी। जैसे ही अधिकारियों ने निर्माण कार्य से जुड़े मुद्दों पर महिलाओं को समझाने का प्रयास किया तो प्रदर्शनकारी महिलाओं और प्रशासन के बीच बहस बाजी शुरू हो गई और महिलाओं ने जमकर नारेबाजी कर दी। प्रदर्शनकारी महिलाओं का आक्रोश और एकजुटता को देखते हुए प्रशासन को वापस लौटना पड़ा।

सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर को पुलिस ने गिरफ्तार किया

प्रदर्शन में सहयोग कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर ने कहा कि “प्रशासन अब भी कानून का पालन करने को तैयार नहीं है। उन्होंने कहा अभी भी देर नहीं हुई है। प्रशासन को अपनी तानाशाही और मनमानी छोड़कर कानून और मानवता के रास्ते पर आना चाहिए। कलेक्टर और वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल संज्ञान लेना चाहिए। झूठे वादों और खोखली बातों से अब लोग मानने वाले नहीं हैं। अगर समय रहते सार्थक संवाद नहीं हुआ, तो जनता का आक्रोश और बढ़ सकता है।” वहीं केन बेतवा परियोजना पर प्रदर्शन कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।