खरगोन। जिला मुख्यालय स्थित रक्षित निरीक्षक (आरआई) के बीगल ब्रीड का कुत्ता गुम जाने पर आदिवासी आरक्षक की कथित पिटाई के मामले में चक्का जाम किया गया। उधर रक्षित निरीक्षक ने आरोपों को निराधार बताते हुए इसे आरक्षक द्वारा राजनीतिक रंग देने की बात कही। हालांकि देर रात पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीणा ने आरआई सौरभ कुशवाहा को सस्पेंड कर दिया। हालांकि आदिवासी संगठन FIR की मांग पर अड़ा हुआ है।
प्रदर्शन अभी भी जारी
मध्य प्रदेश के खरगोन जिला मुख्यालय पर आज आदिवासी संगठनों ने रक्षित निरीक्षक का पपी मिसिंग हो जाने को लेकर कथित तौर पर आदिवासी आरक्षक की बेल्ट से पिटाई करने के मामले में दोपहर से चक्का जाम शुरू कर दिया था। यह प्रदर्शन अभी भी जारी है।
एसपी ने आरआई को किया सस्पेंड
हालांकि, पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीना ने आरोपों को गंभीर किस्म का मानते हुए आज देर रात RI सौरभ कुशवाहा को सस्पेंड कर दिया है। उन्होंने बताया कि डीआईजी निमाड़ ज़ोन सिद्धार्थ बहुगुणा ने मामले की जांच बुरहानपुर जिले के एडिशनल एसपी अंतर सिंह कनेश को सौंपी है। वे उपलब्ध तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर जांच कर अपना प्रतिवेदन सौंपेंगे।
कांस्टेबल की बेल्ट से की पिटाई
आदिवासी संगठनों ने जयस के जिला संरक्षक सुभाष पटेल के नेतृत्व में डीआरपी लाइन में पदस्थ आरक्षक राहुल चौहान की कथित तौर बेल्ट से पिटाई का आरोप लगाया था। उन्होंने रक्षित निरीक्षक सौरभ कुशवाहा और उनकी पत्नी के विरुद्ध प्रकरण दर्ज करने की मांग को लेकर खंडवा-वड़ोदरा मार्ग पर चक्का जाम कर दिया था। उन्होंने एजेके ऑफिस में भी बहुत देर तक हंगामा किया। पुलिस अधिकारियों ने उन्हें काफी समझाने की कोशिश की कि जांच के आवश्यक प्रक्रिया के बाद रिपोर्ट के आधार पर कार्यवाही की जाएगी। लेकिन वे एफआईआर के लिए अड़े रहे।

