छिंदवाड़ा। मध्य प्रदेश में कोल्ड्रिफ कफ सिरप बच्चों के लिए काल बनकर सामने आई है। अब तक 11 बच्चे इस सिरप को पीने के बाद काल के गाल में समा गए हैं। छिंदवाड़ा में शनिवार को दो और बच्चों ने दम तोड़ दिया। वहीं स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा है कि बच्चों की मौत की वजह कफ सिरप है, ये साफ नहीं हो पाया है। वहीं मृतकों परिजनों के लिए राज्य सरकार ने 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता की घोषणा की है।
डॉक्टर को गिरफ्तार किया गया
इस मामले में लगातार कार्रवाई जारी है। शनिवार देर रात परासिया डॉक्टर प्रवीण सोनी को कोतवाली थाना क्षेत्र के राजपाल चौक से गिरफ्तार कर लिया गया है। डॉक्टर और श्रेषन कंपनी के खिलाफ FIR दर्ज कर ली गई है। डॉक्टर प्रवीण सोनी ने ही पर्चे में कफ सिरप लिखी थी। भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 276 और धारा 105 एवं ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट 1940 की धारा 27ए के तहत मामला दर्ज किया गया है। ये कार्रवाई परासिया बीएमओ अंकित सल्लाम की शिकायत पर की गई है।
छिंदवाड़ा जिला पुलिस अधीक्षक अजय पांडेय ने बताया कि BMO अंकित सल्लाम की शिकायत पर श्रेषन फार्मास्यूटिकल्स कांचीपुरम, तमिलनाडु के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। दो अलग-अलग मामलों में शिकायत दर्ज की गई है। इसमें एक साल से लेकर 10 साल और अधिकतम आजीवन कारावास की सजा हो सकती है।
पूरे प्रदेश में कोल्ड्रिफ कफ सिरप बैन
सीएम मोहन यादव ने कार्रवाई करते हुए कोल्ड्रिफ कफ सिरप पर बैन लगा दिया था। उन्होंने सोशल मीडिया साइट एक्स पर पोस्ट करके लिखा कि छिंदवाड़ा में Coldrif सिरप के कारण हुई बच्चों की मृत्यु अत्यंत दुखद है। इस सिरप की बिक्री को पूरे मध्य प्रदेश में बैन कर दिया है। सिरप को बनाने वाली कंपनी के अन्य प्रोडक्ट की बिक्री पर भी बैन लगाया जा रहा है।

