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होर्मुज जल डमरू मध्य (Strait of Hormuz) को लेकर दुनिया पर मंडराया ऊर्जा संकट

ट्रंप की चेतावनी पर ईरान की हुंकार

मकड़ाई एक्सप्रेस 24 नई दिल्ली। विदेशी मिडिया और सोशल मिडिया पर ईरान इजराईल और अमेरिका को लेकर बहुत सी खबरे सामने आ रही है। (वॉशिंगटन/तेहरान) 4 अप्रैल, 2026 को प्राप्त ताजा अपडेट के अनुसार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक हालिया बयान ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष को और अधिक विस्फोटक बना दिया है। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध के दूसरे महीने में प्रवेश करते ही, ट्रंप ने दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण ‘ऑयल पाइपलाइन’ कहे जाने वाले स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर बड़ी घोषणा की है।

हम तेल लेंगे और बड़ी कमाई करेंगे” – ट्रंप का रणनीतिक दांव

अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ’ पर पोस्ट करते हुए ट्रंप ने आक्रामक रुख अपनाया है। उन्होंने कहा:

“थोड़े और समय के बाद हम आसानी से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोल सकते हैं, वहां से तेल ले सकते हैं और अच्छी कमाई कर सकते हैं। यह दुनिया के लिए एक ‘गशर’ (तेल का फव्वारा) साबित होगा।”

विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप का यह बयान केवल आर्थिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि ईरान पर अधिकतम मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने की रणनीति है। युद्ध को हफ्तों में खत्म करने का दावा करने वाले ट्रंप प्रशासन के लिए अब यह रणनीतिक जलमार्ग प्रतिष्ठा का विषय बन गया है।

ईरान की जवाबी चेतावनी: “विनाशकारी होगा अंजाम”

ट्रंप के इस बयान पर ईरान ने भी कड़ा पलटवार किया है। खातम अल-अनबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर के प्रवक्ता ने स्पष्ट किया है कि ईरान अपनी ऊर्जा संपत्तियों की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जा सकता है।

ईरान ने दी सख्त चेतावनी

👉🏻 यदि ईरान के पुलों, बिजली संयंत्रों या बुनियादी ढांचे पर हमला हुआ, तो जवाब पहले से कहीं अधिक भयानक और विनाशकारी होगा।

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👉🏻 अमेरिकी ठिकानों के साथ-साथ उन सहयोगी देशों को भी निशाना बनाया जाएगा जो अमेरिका को अपनी जमीन का उपयोग करने दे रहे हैं।

👉🏻 ईरान ने उन देशों को अपनी सुरक्षा के लिए अमेरिकी सेना को हटाने की नसीहत दी है।

वैश्विक ऊर्जा बाजार पर संकट के बादल

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की अहमियत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दुनिया के कुल तेल परिवहन का लगभग 20 प्रतिशत इसी संकरे रास्ते से होकर गुजरता है।

प्रभावित क्षेत्र और संभावित असर

अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल और आपूर्ति बाधित होने की आशंका।वैश्विक अर्थव्यवस्था परिवहन और मैन्युफैक्चरिंग लागत बढ़ने से महंगाई दर में वृद्धि।क्षेत्रीय सुरक्षाओमान, यूएई और सऊदी अरब जैसे देशों के समुद्री व्यापार पर सीधा खतरा।

युद्ध का बदलता स्वरूप: नागरिक ढांचे पर नजर

ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह संघर्ष अब सैन्य ठिकानों से हटकर नागरिक बुनियादी ढांचे (Civilian Infrastructure) की ओर मुड़ता दिख रहा है। ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि ईरान के पुलों के बाद अब बिजली संयंत्र (Power Plants) उनके निशाने पर हो सकते हैं। वहीं, ईरान द्वारा अमेरिकी लड़ाकू विमानों (जैसे A-10 Warthog) को मार गिराने के दावों ने तनाव को चरम पर पहुंचा दिया है।

अब क्या होगा

सैन्य विशेषज्ञों के अनुसार, यदि कूटनीतिक रास्ते जल्द नहीं तलाशे गए, तो स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में कोई भी छोटी सैन्य गलती वैश्विक अर्थव्यवस्था को मंदी की ओर धकेल सकती है। फिलहाल, पूरी दुनिया की नजरें इस रणनीतिक जलमार्ग और ट्रंप के अगले कदम पर टिकी हैं।