नागरिकों प्रतियोगिता के लिये 30 जून तक कर सकते हैं ऑनलाइन आवेदन
हरदा : भारत के राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने मानवाधिकारों पर लघु फिल्मों की वार्षिक प्रतियोगिता के लिए प्रविष्टियाँ आमंत्रित की हैं। प्रविष्टियाँ प्राप्त करने की अंतिम तिथि 30 जून, 2026 है। विजेताओं को पुरस्कार दिए जाएंगे।
प्रतियोगिता में चयनित फिल्मों को नकद पुरस्कार दिए जाएंगे। प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार 2 लाख रूपये, द्वितीय पुरस्कार 1.5 लाख रुपये, तृतीय पुरस्कार 1 लाख रुपये तथा विशेष पुरस्कार के रूप में 4 चयनित फिल्मों को 50-50 हजार रुपये, प्रमाण पत्र व ट्रॉफी प्रदाय की जाएगी।
संयुक्त कलेक्टर सुश्री रजनी वर्मा ने बताया कि लघु फिल्में अंग्रेजी या किसी भी भारतीय भाषा में हो सकती हैं, जिनमें अंग्रेजी उपशीर्षक हों। लघु फिल्म की अवधि न्यूनतम 3 मिनट और अधिकतम 10 मिनट होनी चाहिए। फिल्में वृत्तचित्र, वास्तविक कहानियों का नाट्य रूपांतरण या किसी भी तकनीकी प्रारूप में बनी काल्पनिक रचना हो सकती हैं, जिनमें एनीमेशन भी शामिल है।
ये फिल्में विभिन्न सामाजिक-आर्थिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक अधिकारों के दायरे में आनी चाहिए। इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए कोई प्रवेश शुल्क या प्रविष्टियों की संख्या पर कोई सीमा नहीं है। हालांकि, प्रतिभागियों को प्रत्येक फिल्म को विधिवत भरे हुए प्रवेश फॉर्म के साथ अलग से भेजना होगा।
नियम एवं शर्तें, प्रवेश फॉर्म के साथ, एनएचआरसी की वेबसाइट www.nhrc.nic.in या इस लिंक से डाउनलोड की जा सकती हैं। फिल्म, विधिवत भरा हुआ प्रवेश फॉर्म और अन्य आवश्यक दस्तावेज गूगल ड्राइव के माध्यम से nhrcshortfilm@gmail.com पर भेजे जा सकते हैं। किसी भी प्रकार की पूछताछ भी इसी ईमेल पते पर भेजी जा सकती है।
सुश्री वर्मा ने बताया कि प्रतियोगिता के लिये जीवन, स्वतंत्रता, समानता और गरिमा का अधिकार, बंधुआ और बाल श्रम, महिलाओं और बच्चों के अधिकारों से संबंधित विशिष्ट मुद्दे, बुजुर्ग व्यक्तियों के अधिकार और चुनौतियाँ, विकलांग व्यक्तियों के अधिकार, हाथ से मैला ढोने का काम, स्वास्थ्य सेवा का अधिकार, मौलिक स्वतंत्रता के मुद्दे, मानव तस्करी, घरेलू हिंसा, पुलिस अत्याचारों के कारण मानवाधिकारों का उल्लंघन, हिरासत में हिंसा और यातना,
सामाजिक-आर्थिक असमानताएँ, खानाबदोश और गैर-अधिसूचित जनजातियों के अधिकार, जेल सुधार, शिक्षा का अधिकार, स्वच्छ पर्यावरण का अधिकार, जिसमें पृथ्वी पर जीवन को प्रभावित करने वाले पर्यावरणीय खतरे शामिल हैं, काम करने का अधिकार,
कानून के समक्ष समानता का अधिकार, भोजन और पोषण सुरक्षा का अधिकार, मानव निर्मित या प्राकृतिक आपदा के कारण विस्थापन से मानवाधिकारों का उल्लंघन, मानवाधिकारों का उत्सव मनाना भारतीय विविधता में निहित मूल्य, जीवन और रहन-सहन के स्तर में सुधार लाने वाली विकास पहल आदि विषय निर्धारित किये गये है।

