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Harda Big News: अज्ञात व्यक्ति ने संपादक के नाम से राजस्व के अधिकारी और बाबू की शिकायत मध्यप्रदेश शासन के मुख्य सचिव से की, मकड़ाई समाचार संपादक बोले मेरी साख खराब करने की हो रही कोशिश, मेरे फर्जी हस्ताक्षर करने वाले की प्रशासन करे तलाश,हो कार्यवाही !

झूठी शिकायत फर्जी हस्ताक्षर किए हुए।हरदा : बीते दिनों राजस्व विभाग हरदा के अधिकारी कर्मचारियों के द्वारा तहसील कार्यालय में भ्रष्टाचार को लेकर अज्ञात व्यक्ति द्वारा मकड़ाई समाचार के संपादक मोहन गुर्जर के नाम से मध्यप्रदेश शासन भोपाल मुख्य सचिव ,संभाग आयुक्त सहित अन्य अधिकारियों के नाम 6 बिंदुओं पर एक पत्र लिखकर शिकायत की गई। शिकायत के बाद संभाग आयुक्त के द्वारा शिकायत की जांच को लेकर पत्र जिला कलेक्टर को भेजा गया। पत्र के बाद उक्त शिकायत के संदर्भ में एक पत्र जिला कलेक्टर कार्यालय के नाम तहसीलदार हरदा के द्वारा मकड़ाई समाचार के कार्यालय भेजा गया। इधर, संपादक मोहन गुर्जर के द्वारा संयुक्त कलेक्टर को जवाब देते हुए कहा गया की मेरे द्वारा किसी भी प्रकार की शिकायत नही की गई। जब जिला कलेक्टर कार्यालय से से शिकायती आवेदन लिया गया। और पत्र की जांच की तो उस पत्र में मेरे फर्जी हस्ताक्षर किए गए थे। मेरे नाम व छवि को धूमिल करने और अधिकारियों के सामने मेरी साख खराब करने का यह किसी अज्ञात व्यक्ति के द्वारा कुत्सित कार्य किया गया है, जो कि निंदनीय है।

गुर्जर ने कहा की उक्त शिकायत पत्र की जांच कर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्यवाही करे। उन्होंने कहा की पूर्व में भी मेरे नाम का उपयोग कर सिराली थाना प्रभारी की एक शिकायत जिला पुलिस अधीक्षक को आवेदन के माध्यम से किसी अज्ञात व्यक्ति ने की थी। साथ ही उक्त पत्र संभाग आयुक्त के पास डाक द्वारा या ईमेल के द्वारा या फिर किसी अन्य माध्यम से भिजवाया गया है। या फिर किसी अन्य माध्यम से दिया गया इसकी जांच की जाए। ताकि झूठी शिकायत करने वाले व्यक्ति का चेहरा बेनकाब हो सके।

उक्त व्यक्ति मेरे नाम का उपयोग कर वरिष्ठ अधिकारियों को झूठी शिकायत कर वरिष्ठ अधिकारियों की नजर में मुझे बदनाम करने की मंशा रखता है।

◆ मकड़ाई समाचार के संपादक ने संयुक्त कलेक्टर को लिखा पत्र ।

प्रति
श्रीमान संयुक्त कलेक्टर महोदय
जिला हरदा

विषय: आपके कार्यालय से प्राप्त पत्र 13265 साक्ष्य हेतु उपस्थित होने संबंधी पत्र बाबत।

महोदय जी
निवेदन है की उपरोक्त पत्र जिसमे राजस्व विभाग के अधिकारी कर्मचारियों की किसी भी प्रकार की कोई शिकायत मेरे द्वारा संभाग आयुक्त नर्मदा पुरम को नही की गई।
में एक अखबार का संपादक हु। मेरे नाम की छबि धूमिल करने अधिकारियों के सामने मेरी साख खराब करने का किसी अज्ञात व्यक्ति के द्वारा यह कार्य किया गया। जो की निंदनीय है।

अतः आप उक्त शिकायत पत्र की जांच कर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्यवाही करे।
पूर्व में भी मेरे नाम का उपयोग कर सिराली थाना प्रभारी की एक शिकायत जिला पुलिस अधीक्षक को आवेदन के माध्यम से किसी अज्ञात व्यक्ति ने की थी।
आपसे निवेदन है की उक्त पत्र संभाग आयुक्त के पास डाक द्वारा या ईमेल के द्वारा या फिर किसी अन्य माध्यम से भिजवाया गया है। या फिर किसी ने देकर आया। उसकी जांच की जाए। ताकि झूठी शिकायत करने वाले व्यक्ति का चेहरा बेनकाब हो सके। उक्त व्यक्ति मेरे नाम का उपयोग कर वरिष्ठ अधिकारियों को झूठी शिकायत कर वरिष्ठ अधिकारियों की नजर में बदनाम करने की मंशा कर रहा है।
श्रीमान जी उक्त व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाए।

आवेदक
मोहन गुर्जर संपादक

मध्यप्रदेश शासन को लिखा फर्जी शिकायत पत्र फर्जी हस्ताक्षर से –

झूठी शिकायत फर्जी हस्ताक्षर किए हुए।श्रीमान् मुख्य सचिव महोदय मध्यप्रदेश शासन वल्लभ भवन भोपाल –

१. यह कि कलेक्टर कार्यालय में भ्रष्टाचार हेतु देवेन्द्र कुमार सिंह, डिप्टी कलेक्टर को समस्त कार्य दे रखे है, जो कि कॉलोनी बनाने वालों का खून चूस कर लाखों रूपए की रिश्वत ले रहे है। इनका कहना है, कि यदि काम करवाना है, तो राशि तो देने पड़ेगें। हद तो तब हो गई साहब जब डिप्टी कलेक्टर को राशि देने के बाद भी कलेक्टर साहब द्वारा अस्पताल उनके घर एवं ऑफिस के लिए महगी मशीने भी दान करने को कहा जाता है या फिर रेडकास अथवा खनिज फंड में अनावश्यक राशि जमा करने को कहा जाता है ।

२. यह कि जो कर्मचारी भ्रष्ट है, उन्हें डिप्टी कलेक्टर साहब का विशेष लगाव मिला हुआ है, उनके खिलाफ कोई शिकायत कर दे तो साहब उसे ऐसा दबाते है कि वह कभी बाहर ही नहीं आती है।

३. यह कि अभी वर्तमान में कैलाश मालवीय बाबू जो कि टिमरनी में पदस्थ था तथा जिसके द्वारा सडक बनाने वाली कंपनी से सांठ गांठ कर लालों रूपए की रिश्वत प्राप्त की तथा टिमरनी में कई सेतो और शासकीय भूमियों को खुदवाकर मुरूम मिट्टी का विकवा दिया रिश्वत की राशि से भोपाल में कई सम्पत्तीयों बेनामी नाम से खरीदी तथा हरदा में भी खुदे के नाम पर मकान एवं दुकान तथा अन्य सम्पत्तीयों खरीदी है को जिला मुख्यालय में एसडीएम के यहाँ पदस्थ कर दिया ताकि आम लोगों को खून चूसे। यह बाबू इतना कलाकार है खुद का मकान तथा फ्लेट हरदा में होने के बाद भी सरकारी मकान में रहता है ताकि कोई शक न कर सके ।

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४. खुद का मकान एवं फ्लेट होने के बाद भी सरकारी मकान में रहना भी भ्रष्टाचार ही है, इसकी जाँच करवाई जावेगी तो यह बाबू करोडपति निकलेगा ।

५. यह कि हरदा तहसील में सतीश मिश्रा को ३० सालों का ठेका दिया गया है, यह बाबू पिछले १० सालों से एक ही जगह पर काम कर रहा है, किसी कलेक्टर ने बहुत शिकातयों के बाद इसे हटाया था, लेकिन राजनीति करके फिर से डिप्टी कलेक्टर साहब के द्वारा मोटी रकम ५० हजार रूपए लेकर वापस तहसील में भेज दिया ।

६. यह कि मैं आम जनता की आवाज हमेशा उठाता हूँ, इस कारण मेरा यह दायित्व है कि हरदा में हो रहे भ्रष्टाचार की जानकारी आप तक पहुँचाता रहूँ ।

उक्त शिकायत की प्रतिलिपि इनको भी भेजी गई –

मान. मुख्यमंत्री जी, म.प्र.शासन, भोपाल ।

मान. कमल पटेल जी, मंत्री किसान कल्याण विभाग, मंत्रालय भोपाल ।

कमिश्नर साहब, नर्मदापुरम संभाग होशंगबाबाद ।

कलेक्टर साहब हरदा की ओर न्याय पाने की मंशा के लिए प्रस्तुत । आपसे उम्मीद है, कि आप जाँच करवाकर इन लोगों के खिलाफ ठोस कार्यवाही करेगे ताकि आम जनता को प्रशासन पर फिर से विश्वास आ सके ।

कार्यालय आयुक्त नर्मदापुरम्