हरदा: जिला कांग्रेस कमेटी ने किसानो की 6 सूत्रीय मांगों को लेकर केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह को सौंपा ज्ञापन!
हरदा: जिला कांग्रेस कमेटी हरदा का प्रतिनिधि मंडल केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चैहान से मिलकर जिले के किसानों की मुख्य समस्याओं के निराकरण हेतु मांग की गई है, जिसमें जिला कांग्रेस अध्यक्ष मोहन सांई, हरदा विधायक डाॅ. आर.के. दोगने, रविशंकर शर्मा, ब्लाॅक अध्यक्ष सुरेन्द्र पटेल (पप्पु पटेल), प्रेरक सारन, शरद विश्नोई, सतीश, गौतम पटेल, सतीश खाडे शामिल थे।
ज्ञापन में मुख्य रूप से निम्नलिखित समस्याऐं है:-
1. हरदा जिले में अधिक वर्षा एवं पीला मोजक से सोयाबीन, मक्का एवं अन्य खरीफ फसलें पूर्ण रूप से खराब हो गई है, जिन्हंें प्राकृतिक आपदा घोषित कर इसका आर.बी.सी. 6-4 के तहत तत्काल सर्वे कराया जाकर राहत राशि दी गई व प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत सर्वे के अनुसार बीमा लाभ किसानों को दिया जाए।
2. किसानों की सोयाबीन एवं मक्का की उपज समर्थन मूल्य पर खरीदी जाए।
3. हरदा जिले में दो माह से यूरिया एवं डी.ए.पी. खाद किसानों को नहीं मिल रही है, तत्काल खाद उपलब्ध कराई जाए एवं अमानक खाद विक्रेता पर रासुका की कार्यवाही की जाए, खाद की काला बाजारी रोकी जाए।
4. किसानों की फसल अधिक बारिश की वजह से नष्ट हो गई है इसलिए किसानों के किसान क्रेडिट कार्ड का ब्याज माफ किया जाए एवं खाद बीज के लिए नया ऋण दिया जाए।
5. केन्द्र शासित भाजपा सरकार ने बजट पेश करते समय किसानों से अनेक वादे किए थे, किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड की लिमिट 3 लाख से बढ़ाकर 5 लाख रुपए तक का ऋण ब्याज अनुदान पर देने की घोषणा की थी।
, जो आज तक किसानों की 5 लाख तक ऋण लिमिट नहीं की गई है, तत्काल लिमिट बढ़ाई जाए।
6. रबी 2023-24, खरीफ 2024 एवं रबी 2024-25 की फसल बीमा राशि डाली गई है, जिसमें एक ही पटवारी हल्का व गांव के किसानों को दी गई बीमा राशि में गंभीर विसंगतियाँ है, जिले के कई किसान वंचित रह गये हैं, कई किसानों को प्रीमियम से भी कम बीमा राशि दी गई है एवं कुछ गांव के गांव ही छूट गये हैं, जिन्हें भी तत्काल प्रभाव से बीमा राशि दी जाये।
ज्ञापन के पश्चात् केन्द्रीय मंत्री ने जिला कांग्रेस कमेटी को यह आश्वासन दिया है कि सोयाबीन एवं मक्का उपज की खरीदी समर्थन मूल्य पर की जावेगी एवं तत्काल सर्वे कराकर मुआवजा भी दिया जायेगा। साथ ही उनके द्वारा यह भी स्वीकार किया गया है कि पूर्व में सेटेलाईट से सर्वे होने के कारण किसानों को बीमा राशि वितरण में विसंगतियाँ हुई है इस संबंध में केन्द्रीय मंत्री द्वारा अधिकारियों को निर्देशित किया है कि भविष्य में ऐसी गलती न हो।

