20 मासूमों की जान बचाकर इंसानियत मानवता की मिशाल पेश की कंचन बाई मेघवाल ने , सीएम मोहन यादव बोले दोनों बच्चों की पढ़ाई का आजीवन खर्च उठाएगी सरकार
4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने की निर्देश दिए।
भोपाल: मध्यप्रदेश के नीमच जिले के ग्राम रानपुर के एक स्कूल में उस समय हड़कंप मच गया। जब मधुमक्खियों का एक झुण्ड बच्चों के ऊपर हमला कर रहा था । जिसने भी वो दृश्य देखा लोग अपनी जान बचाकर भाग रहे थे। तभी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता ने जान पर खेलकर 20 मासूम बच्चों को मधुमक्खियों से सकुशल बचाया। लेकिन स्वयं मधुमक्खी के हमले से घायल होकर जिंदगी की जंग हार गई।
महिला की बहादुरी हिम्मत की सराहना पूरे मध्यप्रदेश सहित अन्य राज्यों में लोगों ने की। साथ ही उनके निधन पर लोगों ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए शोक संवेदना व्यक्त की।
सीएम मोहन यादव ने बहादुर महिला कंचन बाई के दुखद निधन पर गहरा दुख जताया , बोले कंचन बाई ने इंसानियत मानवता की मिशाल पेश की। स्वयं की जान जोखिम में डालकर 20 मासूमों को बचाकर उन्हें नई जिंदगी दे गई।
सीएम मोहन यादव ने ट्वीट करते हुए कहा कि दुख की इस घड़ी में हम ओर हमारी सरकार उनके परिवार के साथ खड़े है। उन्होंने कहा कि
उनके परिवार की बेटियां का संपूर्ण खर्च सरकार उठाएगी हरसंभव मदद करेंगे।
आंगनवाड़ी कार्यकर्ता कंचनबाई की बहादुरी हिम्मत जज्बे की जितनी तारीफ की जाए उतनी कम है। उन्होंने अपने परिवार की चिंता नहीं की और मधुमक्खी के हमले की भनक लगते ही। तिरपाल से 20 बच्चों को ढँककर बचाया सुरक्षित स्थान पहुंचाया। खुद मधुमक्खी के हजारों डंक के वार सहती रही !
लोग बोले कंचन बाई ,मासूम बच्चों के लिए फरिश्ता बनी ! मानवता की सेवा में कंचनबाई ने अपने प्राणों का बलिदान दिया।
सीएम मोहन यादव ने जताया गहरा दुख,,
नीमच जिले के ग्राम रानपुर में मधुमक्खियों के डंक से आंगनवाड़ी में कार्यरत बहन कंचन बाई मेघवाल जी का असमय निधन हुआ प्रदेश सरकार इस दुःख की घड़ी में उनके परिवार के साथ है। मानवीय आधार पर कंचन बाई मेघवाल के दोनों बच्चों की आजीवन पढ़ाई की जिम्मेदारी मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने उठाई साथ ही ₹4 लाख की आर्थिक सहायता केनिर्देश भी अधिकारियों को दिए।उन्होंने कहा कि
उनके बच्चों की पढ़ाई का खर्च भी राज्य सरकार उठाएगी।

