Ladli Behna Yojana: लाड़ली बहनों को अब मिलेंगे 3 हजार और 5 हजार रुपए सीएम मोहन यादव ने की घोषणा, कांग्रेस ने जताई आपत्ति, देखे पूरी खबर
Ladli Behna Yojana: मध्यप्रदेश में लाडली बहना योजना के तहत महिलाओं को दी जाने वाली वित्तीय सहायता में बढ़ोतरी का ऐलान किया गया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इंदौर में आयोजित एक कार्यक्रम में यह घोषणा की, जिसमें उन्होंने कहा कि योजना के तहत मिलने वाली राशि बढ़ाकर 3,000 से 5,000 रुपए तक की जाएगी। इस घोषणा के साथ ही सीएम ने महिलाओं के खातों में सीधे 1573 करोड़ रुपए की राशि भी जमा की।
यह योजना मुख्य रूप से उन महिलाओं के लिए है जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं और जिनसे प्रदेश की सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार लाने का लक्ष्य है। लेकिन इस नई घोषणा के बाद राज्य में राजनीतिक भूचाल आ गया है। कांग्रेस पार्टी ने इसे चुनावी नियमों का उल्लंघन बताते हुए निर्वाचन आयोग से इस पर ध्यान देने की मांग की है।
कांग्रेस के राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने इस संबंध में एक ट्वीट करते हुए इसे चुनावी आचार संहिता का स्पष्ट उल्लंघन बताया। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा,
“यह चुनाव कोड का घोर उल्लंघन है। @DrMohanYadav51 जी, @ECISVEEP @SpokespersonECI तुरंत इस पर संज्ञान ले। मुख्यमंत्री साहिब, आपने इस वक्तव्य से अपने दोनों चुनावों को रद्द करने का कारण आज ही दे दिया। यह चुनावी कानून के अनुसार भ्रष्ट प्रथा है!”
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बीजेपी पार्टी ने सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग करते हुए लोकतंत्र की हत्या की है। पटवारी ने आरोप लगाया कि ये उपाय भाजपा के डर को दर्शाते हैं, क्योंकि वे चुनावी लाभ के लिए महिलाओं को भुगतान करने के खिलाफ भारतीय लोकतंत्र के आधारभूत सिद्धांतों का उल्लंघन कर रहे हैं।
उपचुनावों से पहले ऐसी घोषणाएं अक्सर संवेदनशील होती हैं, और कांग्रेस ने यह भी कहा कि यह महिला सशक्तीकरण की अनदेखी करता है, जब वास्तविक मदद वैकल्पिक रूप में आती है। उनका कहना था कि सीएम यादव का यह कदम चुनावी लाभ के लिए ही उठाया गया है और इसके पीछे एकमात्र मंशा वोट बैंक की राजनीति करना है।
कांग्रेस नेताओं का मानना है कि इस घोषणा से चुनावी माहौल में असमानता का निर्माण होगा और यह स्थिति लोकतंत्र के लिए हानिकारक हो सकती है। विवेक तन्खा ने चुनाव आयोग को ऐसी गतिविधियों पर गंभीरता से विचार करने के लिए कहा, क्योंकि इससे चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर अनावश्यक दबाव पड़ता है।
इसके विपरीत, सीएम मोहन यादव का कहना है कि यह योजना प्रदेश की महिलाओं की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए है और उनके सरकार की प्राथमिकताओं में से एक है। उन्होंने दलील दी कि यह योजना केवल चुनावों के संदर्भ में नहीं, बल्कि समाज के विकास के लिए आवश्यक है।
इस स्थिति ने मध्यप्रदेश की राजनीतिक गर्माहट को और भी बढ़ा दिया है, और अब सभी की नजर निर्वाचन आयोग पर है कि वह इस पर क्या कार्रवाई करता है। चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए यह एक महत्वपूर्ण समय है, जहां राजनीतिक दल और सरकारें अपने कार्यों को विचारपूर्वक करने का प्रयास करेंगी।
लाडली बहना योजना की राशि में वृद्धि की घोषणा राजनीतिक साज़िश और चुनावी लाभ को लेकर विवादों में है। यह स्पष्ट है कि हर एक कदम चुनावों में गंभीरता से लिया जा रहा है और आने वाले समय में इसका क्या प्रभाव होगा, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।
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