🔴 घटनाक्रम: 18 जून 2026 की सुबह
पुणे से 60 किमी दूर लोनावला के पास स्थित 3400 फीट ऊंचे ऐतिहासिक लोहगढ़ किले पर सुबह 10:30 बजे एक चीख गूंजी। 24 वर्षीय केतन अग्रवाल खाई में गिर गया था। साथ गई मंगेतर सिया गोयल, 20 ने तुरंत परिजनों और पुलिस को फोन किया – “केतन का पैर फिसल गया, वह खाई में गिर गया है।”
किले के सुरक्षा गार्ड, स्थानीय पुलिस और SDRF की टीम मौके पर पहुंची। 4 घंटे के रेस्क्यू के बाद केतन का शव खाई से निकाला गया। सिर और शरीर पर गंभीर चोटें थीं।
शुरुआती धारणा : हादसा। केतन को ट्रेकिंग का शौक था। लोनावला ग्रामीण पुलिस स्टेशन में *AD नंबर 36/2026* के तहत आकस्मिक मृत्यु दर्ज कर पोस्टमार्टम कराया गया। उसी दिन अंतिम संस्कार भी कर दिया गया।
मृतक के परिजनो ने उठाया मामला
लेकिन… केतन के परिवार को यकीन नहीं हुआ। “केतन अनुभवी ट्रेकर था। हर महीने 2-3 ट्रेक करता था। लोहगढ़ 5 बार जा चुका था। उसका यूं फिसलना नामुमकिन है” – पिता राजेश अग्रवाल ने पुलिस से लिखित शिकायत की।
पुलिस की तफ्तीश: जब ‘हादसा’ बना ‘हत्या’
पहला शक: डिजिटल फुटप्रिंट
जांच अधिकारी PI सुनील पवार ने बताया: “केतन के मोबाइल की लास्ट लोकेशन, कॉल लॉग और सिया के बयान में विरोधाभास था।”
– सिया का दावा: “हम दोनों अकेले थे।”
– टावर लोकेशन: घटना के समय किले पर 3 मोबाइल एक्टिव थे। तीसरा नंबर चेतन चौधरी का निकला।
कौन है चेतन चौधरी…?
28 साल का चेतन, पुणे मार्केट यार्ड में अनाज का व्यापारी। सिया के पिता का भी वहीं कारोबार है। दोनों दुकानें अगल-बगल। पुलिस जांच में सामने आया किसिया और चेतन पिछले 1 साल से रिलेशन में थे।
मकसद साफ हुआ
– फरवरी 2026 : केतन-सिया की सगाई। शादी अगस्त 2026 में तय थी।
– सिया के दोस्तों ने बयान दिया: “वह केतन से शादी नहीं करना चाहती थी। परिवार के दबाव में सगाई हुई थी।”
– चेतन-सिया की चैट से पता चला: दोनों केतन को “रास्ते से हटाने” की बात कर रहे थे।
साजिश का खुलासा
पुलिस रिमांड में सिया ने कबूला: “चेतन और मैंने प्लान बनाया था। केतन को घुमाने के बहाने लोहगढ़ ले गए। चेतन पहले से किले पर छिपा था। मौका देखकर चेतन ने केतन को पीछे से धक्का दिया। मैंने पुलिस को हादसे की झूठी कहानी सुनाई।”
चेतन ने भी अपराध स्वीकार किया। दोनों के खिलाफ IPC 302, 120B, 201 के तहत हत्या, आपराधिक साजिश और सबूत मिटाने का केस दर्ज।
अभी केस की मौजूदा 26 जून 2026 तक
सिया गोयल और चेतन चौधरी 22 जून को गिरफ्तार। दोनों 14 दिन की पुलिस हिरासत में।
मामले के खास सबूत
पोस्टमार्टम रिपोर्ट : मौत सिर में चोट + ऊंचाई से गिरने से हुई। पर डॉक्टर ने कहा “धक्का देने से गिरने पर भी ऐसी ही चोट लग सकती है।”
सीसीटीवी : किले के एंट्री गेट पर सिया-केतन साथ दिखे। चेतन सुबह 7 बजे अलग से एंटर हुआ था।
कॉल रिकॉर्ड : घटना से 10 मिनट पहले तक सिया-चेतन की 3 बार बात।
चश्मदीद : एक टूरिस्ट ने बयान दिया – “पहाड़ी पर 3 लोग दिखे थे, 2 जा रहे थे, 1 पीछे छिपा था।”
बचाव पक्ष : चेतन के वकील एडवोकेट अमित देशमुख का दावा – “पुलिस के पास चेतन के किले की चोटी पर होने का कोई वीडियो सबूत नहीं। सिया पर दबाव बनाकर बयान लिया गया।”
अगली सुनवाई : 30 जून को वडगांव मावल कोर्ट में। पुलिस चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी में।
इस केस ने क्यों खींचा ध्यान….?
1. डिजिटल फोरेंसिक की भूमिका : मोबाइल लोकेशन, इंस्टाग्राम DM, कॉल रिकॉर्ड से 4 दिन में केस सुलझा।
2. रिश्तों का खौफनाक चेहरा : सगाई के 4 महीने बाद मंगेतर की हत्या ने ‘अरेंज्ड मैरिज’ में युवाओं पर दबाव की बहस छेड़ी।
3. पर्यटन स्थलों की सुरक्षा : लोहगढ़ जैसे किलों पर CCTV और गार्ड बढ़ाने की मांग। ASI ने नोटिस जारी किया – “खतरनाक किनारों पर रेलिंग लगेगी।”
केतन के पिता का बयान – “मेरा बेटा गया, पर सच्चाई सामने आई। अब किसी और केतन के साथ ऐसा न हो।”
पुलिस अपील : “पर्यटन स्थलों पर अकेले या अनजान लोगों के साथ जोखिम भरे इलाकों में न जाएं। संदिग्ध दिखे तो 112 पर कॉल करें।”
_जांच जारी है। कोर्ट का फैसला आने तक दोनों आरोपी न्यायिक हिरासत में रहेंगे।_

