मकड़ाई एक्सप्रेस 24धर्म अध्यात्म: नवरात्रि में माता के नौ रूपों की पूजा का विशेष महत्व है, और हर दिन मां के अलग-अलग स्वरूप की पूजा की जाती है। इन दिनों में मां को उनके पसंदीदा भोग अर्पित करके उनका आशीर्वाद पाया जा सकता है। आइए जानें, किस दिन मां दुर्गा के किस रूप को कौन सा भोग चढ़ाना चाहिए।
1. मां शैलपुत्री (प्रथम दिन)
मां शैलपुत्री को सफेद रंग की चीजें जैसे दूध, चावल या गाय के घी से बनी चीजें चढ़ानी चाहिए। इससे व्यक्ति रोगमुक्त होता है और उसे स्वास्थ्य का वरदान मिलता है।
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2. मां ब्रह्मचारिणी (द्वितीय दिन)
मां ब्रह्मचारिणी को मिश्री, चीनी और पंचामृत का भोग चढ़ाया जाता है। इसे चढ़ाने से आयु लंबी होती है और सौभाग्य प्राप्त होता है।
3. मां चंद्रघंटा (तृतीय दिन)
मां चंद्रघंटा को दूध और उससे बनी मिठाइयों का भोग लगाएं। ऐसा करने से मां प्रसन्न होती हैं और दुखों का नाश होता है।
4. मां कुष्मांडा (चतुर्थ दिन)
मां कुष्मांडा को मालपुए का भोग चढ़ाया जाता है। इसे ब्राह्मणों को दान करके खुद भी ग्रहण करें। इससे बुद्धि और निर्णय क्षमता में सुधार होता है।
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5. मां स्कंदमाता (पंचमी दिन)
मां स्कंदमाता को केले का भोग लगाएं। इस भोग को ब्राह्मण को दान करें, जिससे व्यक्ति की बुद्धि में वृद्धि होती है और जीवन में सुख-शांति बनी रहती है।
6. मां कात्यायनी (षष्ठी दिन)
मां कात्यायनी को शहद का भोग चढ़ाएं। ऐसा करने से साधक को सुंदरता प्राप्त होती है और आकर्षण में वृद्धि होती है।
7. मां कालरात्रि (सप्तमी दिन)
मां कालरात्रि को गुड़ का भोग लगाएं और इसे ब्राह्मणों में वितरित करें। इससे व्यक्ति शोक और दुखों से मुक्त होता है।
8. मां महागौरी (अष्टमी दिन)
मां महागौरी को नारियल का भोग चढ़ाएं। इसे सिर से घुमाकर किसी बहते जल में प्रवाहित करें। इससे आपकी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
9. मां सिद्धिदात्री (नवमी दिन)
मां सिद्धिदात्री को हलवा, चना-पूरी, खीर और पुए का भोग लगाएं और गरीबों को दान करें। ऐसा करने से जीवन में सुख-शांति और समृद्धि प्राप्त होती है।
इस प्रकार, नवरात्रि के इन नौ दिनों में मां के नौ रूपों को उनका प्रिय भोग अर्पित करके आप न केवल उनका आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं, बल्कि अपने जीवन में सुख, समृद्धि और शांति का वरण कर सकते हैं।
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