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MP NEWS : 16 साल की दुल्हन को लेने घोड़ी चढ़कर पहुंचा था 45 साल का दूल्हा, मंडप में सपने हो गए चूर-चूर

मकड़ाई समाचार रीवा। मध्य प्रदेश के रीवा जिले के सिरखिनी गांव के एक परिवार में शादी का माहौल था, मंडप सजा था, घर में शादी की तैयारियां चल रही थी। बारात भी आ चुकी थी। लेकिन अचानक कुछ ऐसा हुआ कि मंडप में पुलिस भी पहुंच गई। क्योंकि यहां एक 16 साल की नाबालिग लड़की की शादी 45 साल के युवक से कराई जा रही थी। जिसे आखिरी वक्त में रुकवा दिया।

नाबालिग थी लड़की

दरअसल, बाल विवाह अपराध होने के बाद भी कुछ लोग अपनी बेटियों की जिंदगी बर्बाद कर देते है। क्योंकि जिस उम्र में इन लड़कियों को पढ़ाई करनी चाहिए, उस उम्र में उनके मां-बाप उनका विवाह कर देते है। कई बार तो वह लड़कों की उम्र भी नहीं देखते। कुछ ऐसा ही होने जा रहा था कि रीवा जिले के सिरखिनी गांव में जहां एक 16 साल की नाबालिग लड़की की शादी 45 साल के युवक से कराई जा रही थी। लेकिन अचानक से इस बात की जानकारी महिला एवं बाल विकास विभाग को मिल गई। जिसके बाद पुलिस और महिला बाल विकास विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर इस शादी को रुकवाया।

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बताया जा रहा है कि महिला बाल विकास विभाग को जानकारी मिली कि सिरखिनी गांव में जहां एक नाबलिग को व्याह के बंधन में बांधने की तैयारी चल रही है, मंडप सजा था और मेहमान जुटे हुये थे। ऐसे में महिला बाल विकास विभाग की सुपरवाइजर ने विभाग के अधिकारियो और पुलिस से संपर्क किया और दलबल के साथ मौके पर पहुंच गएं। जांच में पाया गया कि लड़की की उम्र 16 वर्ष 4 माह है, उसका व्याह 45 साल के श्रवण चतुर्वेदी से होने जा रहा था। कानूनन सरिता की उम्र 18 वर्ष से कम होने के कारण यह व्याह बाल विवाह की श्रेणी में आता है, ऐसे में प्रशासनिक अमले ने यह शादी रुकवा दी।

परिजनों को दी गई सख्त हिदायत

बाल विवाह को रुकवाने के बाद पुलिस ने लड़की के परिजनों को सख्त हिदायत दी। अब पुलिस और महिला बाल विकास विभाग की टीम पूरे मामले की जांच कर रही है और इसके बाद मामला दर्ज हो सकता है। बता दें कि प्रदेश के कई जगहों पर अभी भी बाल विवाह के मामले सामने आ जाते हैं।