jhankar
ब्रेकिंग
Aaj Ka Rashifal: आज दिनांक 23 मार्च 2026 का राशिफल, जानिए आज क्या कहते है आपके भाग्य के सितारे धर्मध... भोपाल में कांग्रेस ने किया अनोखा विरोध, महिलाओं को बांटे लकड़ी के चूल्हे नगरपालिका की लापरवाही और कलेक्टर की चुप्पी: कचरे में आग से धुआं-धुआं हुआ हरदा ग्वालियर: डायल-112 को दी झूठी सूचना, फिर कांस्टेबल पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगाने की कोशिश स्क्रैप गोदाम में लगी आग से हड़कंप: इंदौर में दूर-दूर तक फैला धुआं पश्चिम एशिया संकट: पीएम मोदी ने बुलाई हाई-लेवल मीटिंग, गैस , ऊर्जा और सप्लाई चेन पर पैनी नजर मैहर में नकली पुलिस का आतंक, कैमरा देखते ही बदला रूप खस्ताहाल पुल बना मौत का जाल: तेज रफ्तार बाइक गिरने से 4 युवकों की जान गई पीएम मोदी के नाम ऐतिहासिक मुकाम!! ग्वालियर में 100 ई-बसों की शुरुआत, यात्रियों के लिए नई सुविधाएं और 10 रूट तय

नगरपालिका की लापरवाही और कलेक्टर की चुप्पी: कचरे में आग से धुआं-धुआं हुआ हरदा

हरदा शहर में कचरा प्रबंधन की बदहाल व्यवस्था अब प्रशासनिक विफलता का खुला उदाहरण बन चुकी है। नगर पालिका द्वारा मुक्तिधाम के सामने एक ही स्थान पर लगातार कचरा डंप किया जा रहा है, जहां बार-बार आग लगने से पूरा क्षेत्र जहरीले धुएं की चपेट में है। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारी मूकदर्शक बने हुए हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि कचरे के ढेर में दिन-रात आग सुलगती रहती है। दिन में दिखावे के लिए पानी डालकर आग बुझाने की कोशिश की जाती है, लेकिन रात होते ही फिर वही हालात बन जाते हैं। सड़कों और गलियों में धुएं की मोटी परत छा जाती है, जिससे न केवल आमजन का जीवन प्रभावित हो रहा है, बल्कि दुर्घटनाओं का खतरा भी लगातार बना हुआ है।

20 टन से अधिक कचरा रोजाना, एक ही जगह डंप — खुला प्रदूषण केंद्र बना शहर

नगर पालिका द्वारा प्रतिदिन 20 टन से अधिक गीला और सूखा कचरा एक ही स्थान पर फेंका जा रहा है। वर्षों से यही स्थिति बनी हुई है, जिससे वह जगह अवैध और खतरनाक डंपिंग ग्राउंड में तब्दील हो चुकी है। न कोई वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन, न कोई स्थायी योजना—सिर्फ लापरवाही।

जहरीला धुआं बन रहा “साइलेंट किलर”

कचरे में लग रही आग से निकलने वाला जहरीला धुआं अब “साइलेंट किलर” बनता जा रहा है। लोगों को सांस लेने में तकलीफ, दमा, खांसी और आंखों में जलन जैसी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा असर बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों पर पड़ रहा है, लेकिन प्रशासन को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता दिख रहा है।

सालों से शिकायत, फिर भी नहीं कार्रवाई — कलेक्टर की भूमिका पर गंभीर सवाल

यह समस्या कोई नई नहीं है। वर्षों से नागरिक जिला प्रशासन और कलेक्टर कार्यालय में शिकायतें कर रहे हैं, लेकिन आज तक कोई ठोस और स्थायी समाधान नहीं निकाला गया।

अब जनता सीधे सवाल कर रही है—

क्या कलेक्टर को इस गंभीर समस्या की जानकारी नहीं है?

या फिर जानकारी होने के बावजूद भी जानबूझकर अनदेखी की जा रही है?

जब खुलेआम एक ही स्थान पर कचरा डंप हो रहा है और उसमें बार-बार आग लग रही है, तो यह सिर्फ नगर पालिका की नाकामी नहीं, बल्कि जिला प्रशासन की निष्क्रियता और उदासीनता का भी स्पष्ट प्रमाण है।

- Install Android App -

जवाबदेही से बच नहीं सकता प्रशासन

अब यह मामला केवल लापरवाही तक सीमित नहीं रहा, बल्कि जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ बन चुका है। ऐसे में जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय होना अत्यंत आवश्यक है।

जनता पूछ रही है— जवाब कब मिलेगा?

शिकायतों के बावजूद कार्रवाई क्यों नहीं?

कचरा प्रबंधन के लिए स्थायी व्यवस्था कब बनेगी?

आखिर इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार कौन है?

आंदोलन की चेतावनी 

— अब चुप नहीं बैठेगी जनता

यदि जल्द इस गंभीर समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो आमजन उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगा। अब लोगों का धैर्य समाप्त हो रहा है और वे अपने स्वास्थ्य के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेंगे।

— अमर रोचलानी

पार्षद, वार्ड क्रमांक 20

नेता प्रतिपक्ष, नगर पालिका परिषद हरदा