इंदौर। बिल्ली के बच्चे ने अभी तक किसी को नुकसान नहीं पहुंचाया है। लेकिन इसका एड्स जैसी गंभीर बीमारी के मरीजों के आने-जाने वाले स्थान पर रहना भी ठीक नहीं माना जा सकता. यदि बिल्ली के बच्चे ने कभी किसी मरीज पर हमला कर दिया तो मरीज की जान पर बन सकती है।
MP News: मध्यप्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में लापरवाही थमने का नाम नहीं ले रही है. महीनों पहले हुए चूहा कांड के बाद अब बिल्ली कांड सामने आया है। अस्पताल की आउटर पेशेंट डिपार्टमेंट यानी ओपीडी के एआरटी डिपार्टमेंट में बिल्ली के बच्चे घूम रहे हैं। इन बच्चों का जन्म एआरटी की फार्मेसी में ही हुआ था, अब यही इनका घर बन गया है। अस्पताल प्रबंधन की गंभीर लापरवाही सामने आने के बाद अब बिल्ली के बच्चों को हटाने की कवायद शुरू की गई है।
एमवाय अस्पताल में मरीजों को बिल्लियों से लग रहा है डर
गुरुवार को इंदौर के एमवाय अस्पताल की ओपीडी की पहली मंजिल स्थित एड्स के डिपार्टमेंट का एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें एक बिल्ली का बच्चा फार्मेसी में म्याऊं-म्याऊं करता हुआ नजर आया। इसकी पड़ताल करने जब विस्तार न्यूज़ की टीम ओपीडी पहुंची तो बिल्ली का बच्चा वहां नजर आ गया।
दरअसल महीने भर पहले एक बिल्ली यहां फार्मेसी में आ गई थी, बिल्ली ने वहीं बच्चों को जन्म दे दिया। इसके बाद भूख प्यास से बिल्ली की मौत हो गई, लेकिन उसके बच्चे वहीं रह गए। अब उन बच्चों को भूख प्यास से बचाने के लिए वहां का स्टाफ बिल्ली के बच्चों का ख्याल रख रहा है। एमवाय अस्पताल के सिर्फ ओपीडी में ही नहीं, बल्कि परिसर की अलग-अलग इमारतों पर भी बिल्लियां घूमती नजर आती रही हैं। चूहा और बिल्ली कांड के बाद से लोगों को एमवाय अस्पताल में इलाज करवाने से डर लगने लगा है।
‘लापरवाही पर सख्त एक्शन लिया जाएगा’
वहीं कई लोग ऐसे भी हैं, जो कैट बाईट का शिकार होकर अस्पताल पहुंच रहे हैं। कैट बाइट के शिकार मरीजों को डॉक्टर रेबीज के इंजेक्शन लगवाने की सलाह दे रहे हैं। ऐसे मरीज टीका लगवाने के लिए सरकारी लाल अस्पताल में पहुंचते हैं।
अस्पताल के बाह्य मरीज विभाग में बिल्ली के बच्चे घूमने के पीछे एमजीएम मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ अरविंद घनघोरिया ने एमवाय अधीक्षक डॉ अशोक यादव को जिम्मेदार बताया है। डीन डॉ अरविंद घनघोरिया के मुताबिक ओपीडी में 3 बिल्ली के बच्चे थे, उनमें से 2 को रेस्क्यू किया जा चुका है। जो एक बचा है, उसे भी पकड़ लिया जाएगा। यह लापरवाही है। इस पर सख्त एक्शन लिया जाएगा।
मरीज पर हमला कर सकती हैं बिल्लियां
बिल्ली के बच्चे ने अभी तक किसी को नुकसान नहीं पहुंचाया है। लेकिन इसका एड्स जैसी गंभीर बीमारी के मरीजों के आने-जाने वाले स्थान पर रहना भी ठीक नहीं माना जा सकता। यदि बिल्ली के बच्चे ने कभी किसी मरीज पर हमला कर दिया तो मरीज की जान पर बन सकती है।

