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भागीरथपुरा में अब दाल-बाफले खाने से 30 से ज्यादा बीमार, क्षेत्र में हड़कंप

इन्दौर। भागीरथपुरा में नगर निगम द्वारा सप्लाई दूषित पानी से मौतों के हादसे की दहशत से अभी क्षेत्र वासी उभर भी नहीं पाएं थे कि वहां हुए एक और हादसे से दहशत का माहौल बन गया। भागीरथपुरा के एक परिवार में जन्मदिन मनाएं जाने की खुशियों का माहौल उस समय अफरा-तफरी में बदल गया, जन्मदिन की पार्टी में शामिल हुए 30 से अधिक लोग दूषित भोजन (फूड पॉइजनिंग) के कारण बीमार पड़ गए। पीड़ितों ने पेट दर्द, उल्टी और दस्त की शिकायत की, जिसके बाद कई लोगों को आनन-फानन में अस्पताल ले जाया गया।

क्या है पूरा मामला – प्राप्त जानकारी के अनुसार, भागीरथपुरा की शुक्ला गली निवासी आकाश मुक्शिया के बेटे का शनिवार को जन्मदिन था। इस अवसर पर उन्होंने लगभग 60 रिश्तेदारों और परिचितों को आमंत्रित किया था। भोज में पारंपरिक दाल-बाफले और लड्डू परोसे गए थे। परिजनों का कहना है कि खाना घर पर ही तैयार किया गया था और इसमें बोरिंग के पानी का उपयोग किया गया था। पार्टी के बाद मेहमान अपने घर लौटे, तो रविवार सुबह से ही कई लोगों की तबीयत बिगड़ने की खबरें आने लगीं। देखते ही देखते बीमारों की संख्या 30 के पार पहुँच गई। बताया जा रहा है कि इनमें से चार लोगों की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है।

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घटना की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग और खाद्य विभाग की टीमें मौके पर पहुँचीं। अधिकारियों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए निम्नलिखित कदम उठाए हैं: –
• भोजन के अवशेषों (दाल, बाफले और लड्डू) के सैंपल लिए गए हैं।
• खाना बनाने में इस्तेमाल हुए बोरिंग के पानी की भी जांच की जा रही है।
• खाद्य सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि लैब रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि जहरखुरानी का मुख्य कारण क्या था।

दूषित पानी का पुराना साया –
गौरतलब है कि भागीरथपुरा क्षेत्र पिछले कुछ महीनों से दूषित पानी की आपूर्ति के कारण चर्चा में रहा है। हाल ही में इस क्षेत्र में जल प्रदूषण की वजह से कई मौतें और बीमारियाँ दर्ज की गई थीं, जिसकी जांच अभी भी जारी है। वर्तमान घटना ने स्थानीय निवासियों में प्रशासन के प्रति एक बार फिर आक्रोश पैदा कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग की सलाह -प्रशासन ने क्षेत्र के लोगों को पानी उबालकर पीने और बाहर के खुले भोजन से बचने की सलाह दी है।