उत्तर प्रदेश। सोशल मिडिया एप और अन्य तरीको से लोगो को रुपया डेढ़ से दोगुना करने का लालच देकर ठगी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया। नोएडा एसटीएफ यूनिट ने गाजियाबाद में एक बड़ा ऑनलाइन ठगी रैकेट पकड़ा है। इस गैंग ने “10 लाख के बदले 15 लाख” देने का लालच देकर कई करोड़ रुपये की ठगी की है। एसटीएफ ने गौर सिद्धार्थम सोसाइटी में छापेमारी कर बिहार के रहने वाले 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से 25.6 लाख रुपये नकद, भारी मात्रा में कागज के नकली नोट और नोट गिनने की मशीन बरामद हुई है।
गैंग कई तरीके से करती थी ठगी
10 लाख के बदले 15 लाख
गैंग के सदस्य खुद को आईटी कंपनी का इंजीनियर बताकर रेंट पर फ्लैट लेते थे और बाथरूम में सीक्रेट रास्ता बनाकर असली नोटों को नकली नोटों या कागज की गड्डियों से बदल देते थे।
ऑनलाइन गेमिंग ऐप्स
गैंग ने ऑनलाइन गेमिंग ऐप्स के लिए बैंक खाते और क्रिप्टो करेंसी के लेन-देन में भी करोड़ों की ठगी की है।
क्रिप्टो करेंसी फ्रॉड
गैंग क्रिप्टो करेंसी में निवेश के नाम पर भी लोगों से पैसे ठगता था।
कौन और कहा से आरोपी
इस पूरे गिरोह का मास्टर माइंड शुभम राज नाम का शख्स इस गैंग का मास्टरमाइंड है, जो बिहार का रहने वाला है और 12वीं पास है। इसके अलावा प्रदीप कुमार, विशाल, अनुराग और अन्य आरोपी शामिल हैं। एसटीएफ यूनिट ने गाजियाबाद के गौर सिद्धार्थम सोसाइटी में छापेमारी कर गैंग का पर्दाफाश किया।

