चार टपों का मामला पहले भी उठा, शिकायतें हुईं और खबरें भी छपीं; अब सवाल—जांच के बाद सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई कब होगी?
हंडिया। बस स्टैंड क्षेत्र में अतिक्रमण को लेकर मंगलवार को तहसीलदार पूजा भाटी राजस्व अमले के साथ मौके पर पहुंचीं। दुकानों के सामने सड़क किनारे रखी सामग्री हटवाई गई, दुकानदारों को हिदायत दी गई और अतिक्रमण से जुड़े मामलों में पंचनामा तैयार किया गया। प्रशासन की टीम मुर्गा-मछली मार्केट भी पहुंची, जहां गंदगी मिलने पर दुकानदारों को कचरा निर्धारित स्थान पर डालने के निर्देश दिए गए।
लेकिन इस पूरी कार्रवाई के बीच सबसे बड़ा सवाल अब भी बरकरार है—जिस अतिक्रमण को लेकर लंबे समय से शिकायतें हो रही हैं, उसे हटाने की वास्तविक कार्रवाई कब होगी?
चार टपों पर कार्रवाई का इंतजार क्यों?
मुर्गा-मछली मार्केट के सामने हाईवे किनारे पहले दो टप रखे गए थे, जिनकी संख्या बढ़कर चार हो गई। मकड़ाई एक्सप्रेस 24 ने 9 अगस्त 2026 को इस मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद जांच का आश्वासन मिला और अतिक्रमण को लेकर अन्य शिकायतें भी सामने आईं।
अब प्रशासन मौके पर पहुंचा, पंचनामा बनाया और संबंधित लोगों को हिदायत भी दी। लेकिन यदि इन टपों के लिए वैध अनुमति नहीं है और जांच में सरकारी भूमि पर अतिक्रमण प्रमाणित होता है, तो उन्हें हटाने की कार्रवाई कब होगी? केवल मौका मुआयना और पंचनामा तैयार करने से अतिक्रमण समाप्त नहीं होगा।
सरकारी जमीन पर दुकानें हैं तो नियम सबके लिए समान हों
मौके पर दो दुकानदारों ने संबंधित भूमि पंचायत द्वारा आवंटित किए जाने की बात कही। तहसीलदार ने दस्तावेजों की जांच कराने की बात कही है। अब यह जांच समयबद्ध तरीके से पूरी होनी चाहिए, ताकि आवंटन की वैधता स्पष्ट हो सके। यदि आवंटन नियमों के विरुद्ध पाया जाता है या किसी अन्य स्थान पर अवैध कब्जा प्रमाणित होता है, तो नियमानुसार कार्रवाई भी होनी चाहिए।
सफाई पर निर्देश, लेकिन व्यवस्था की जिम्मेदारी किसकी?
मुर्गा-मछली मार्केट में गंदगी मिलने पर दुकानदारों को निर्धारित स्थान पर कचरा डालने की हिदायत दी गई। दुकानदारों का कहना है कि पंचायत उनसे प्रतिदिन 20 रुपये लेती है। ऐसे में पंचायत को भी स्पष्ट करना चाहिए कि यह राशि किस मद में ली जाती है और बाजार की सफाई व कचरा निस्तारण की व्यवस्था किस प्रकार की जा रही है।
अब आश्वासन नहीं, कार्रवाई की तारीख चाहिए
हंडिया में अतिक्रमण की शिकायतें, समाचार प्रकाशन और प्रशासन का निरीक्षण—ये सभी घटनाएं हो चुकी हैं। अब जरूरत इस बात की है कि जांच कब पूरी होगी, अतिक्रमण प्रमाणित होने पर उसे कब हटाया जाएगा और जिम्मेदार विभाग अगला कदम क्या उठाएगा, यह स्पष्ट किया जाए।
जनता का सवाल सीधा है—जब प्रशासन मौके पर पहुंच चुका है और पंचनामा भी तैयार हो गया है, तो वास्तविक अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के लिए और कितना इंतजार करना पड़ेगा?
अब निगाहें प्रशासन के अगले कदम पर हैं। कार्रवाई का आकलन केवल निरीक्षण और कागजी प्रक्रिया से नहीं, बल्कि नियमों के अनुसार अतिक्रमण हटने और समस्या का स्थायी समाधान होने से होगा।

